
सागर-दमोह स्टेट हाईवे पर दो साल में 40 से ज्यादा मौतें (Photo Source- Patrika)
Sagar-Damoh State Highway : प्रशासन द्वारा लगातार चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान और ट्रैफिक पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद मध्य प्रदेश में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात ये हैं कि, यहां हर रोज दर्जनों लोग सड़क हादसों का शिकार होकर घायल हो रहे हैं तो वहीं, इनमें से अकसर जान भी गवा रहे हैं। खास बात ये है कि, हर बार सिर्फ रफ्तार को ही हादसों का कारण नहीं माना जा सकता, कई बार हादसा होने में किसी सड़क या स्पॉट की भी भूमिका रहती है। इसका जीता-जागता उदाहरण बनने जा रहे हैं सागर जिले से गुजरने वाले दो नेशनल हाईवे और चार स्टेट हाईवेज।
इन हाईवेज का जिले में पूरब-पश्चिम-उत्तर-दक्षिण यानी चारों तरफ से सड़कों का जाल बिछा है, यहां दो पहिया से लेकर चार पहिया और 10 चक्का ट्रक तक अंधाधुंध दौड़ते हैं। यही कारण है कि, जिलेभर में आए दिन कहीं न कहीं सड़क हादसे हो ही रहे हैं। लेकिन, इन सब में सागर-दमोह स्टेट हाईवे पर चना टोरिया से गढ़ाकोटा तक सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। यही कारण है कि, स्थानीय लोग कभी इस मार्ग को 'यमलोक का रास्ता' बताते हैं तो कभी 'मौत का हाईवे' कहते हैं।
हादसों के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां यमराज का ऐसा तांडव देखने को मिलता है, जिसे सुनकर लोग सिहर जाते हैं। इसका अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि, महज 35 किलोमीटर की सड़क पर बीते 2 साल में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं।
-इस रास्ते पर वह दर्दनाक सड़क हादसा भी शामिल है, जिसमें ट्रक और फोर व्हीलर की टक्कर में पांच दोस्तों की ऑन द स्पॉट मौत हो गई थी। हादसा टोल टैक्स के पास बम्होरी गांव के चौराहे पर हुआ था, इसकी वजह हाईवे पर तेज रफ्तार और अचानक वाहन का अनियंत्रित होकर पलटना पाया गया था, यहां करीब 1 किलोमीटर की जगह में ऊंची-नीची घाटियां होने से तेज रफ्तार वाहन अचानक से सामने आ जाते है।
-वहीं एक अन्य दर्दनाक हादसा जटाशंकर की घाटी सनोदा के पास हुआ था, जहां तेज रफ्तार ट्रक ने एक फोर व्हीलर को कुचल दिया था, जिसमें एक जैन परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई थी। यहां भी हादसे की वजह घाटी की रफ्तार और नशेड़ी ड्राइवर की लापरवाही बनी थी।
-अमोदा में बाइक को बस ने टक्कर मारी थी, जिसमें मां-बेटे की मौत हो गई थी, यहां अंधा मोड़ हादसे का कारण था।
-जबकि गढ़ाकोटा में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार जीजा-साले की मौत हुई थी, इनमें बिंदी तिराहे ऐसा है, जहां अलग-अलग समय हुए हादसों में आधा दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
35 किलोमीटर की इस चिन्हित सड़क पर 5 ब्लैक स्पॉट' हैं, जहां लोग जल्दी जाने के चक्कर में अपनी गाड़ी को धीमा नहीं करते और सामने आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता, जिसकी वजह से इस तरह के हादसे देखने को मिलते हैं।
सागर जिले में पिछले 3 साल में 3200 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। एक दिन में 1100 से अधिक मौत साल 2025 के 11 महीना में करीब 1000 से अधिक हादसे हुए जिसमें में 382 मौत हुई हैं। आंकड़े बताते हैं कि, फर्राटेदार सड़कों पर अगर सतर्कता और सावधानी से बाहर नहीं चलाते हैं तो परिवार के परिवार उजड़ रहे हैं इसलिए खास कर दो पहिया वाहन चालक अपनी बाइक या स्कूटी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
Published on:
24 Dec 2025 02:03 pm
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