
Angry people shouted slogans against the police administration, the bandh had a mixed effect
बीना. डीके कांप्लेक्स में शुक्रवार की रात हुई घटना में पुलिस के रवैया के विरोध में सोमवार को लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिसमें भाजपा, कांग्रेस, व्यापारी सहित अन्य लोग शमिल थे। मुख्य मार्गों से रैली निकालकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही बंद का मिला-जुला असर रहा। आंबडेकर तिराहे पर लोग एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए सर्वोदय चौराहा, गांधी तिराहा, महावीर चौक, कच्चा रोड होते हुए वापस चौराहा पहुंचे। शहर में हो रही गुंडागर्दी का विरोध जताते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने के भी आरोप लगाए। शुक्रवार की रात हुई घटना में एफआइआर घंटों बाद दर्ज की गई है। घटना के विरोध में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक बंद का आह्वान भी किया गया था, जिसका मिला-जुला असर रहा। पूर्व विधायक डॉ. विनोद पंथी ने थाना प्रभारी कमल निगवाल से रवैया में सुधार करने और गुंडा, बदमाशों पर कार्रवाई करने की बात कही, क्योंकि इस प्रकार की घटनाओं से व्यापारी, आमजन सभी दहशत में हैं। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व मंत्री प्रभु सिंह, वासू यादव, गजेन्द्र राय, प्रशांत राय, आशीष चौबे, इंदर सिंह, बीडी रजक, अभिषेक बिलगैंया, विवेक पोरिया, अतीक खान, सुरेन्द्र ठाकुर सहित सैकड़ों लोग शामिल हैं।
थाना प्रभारी के तबादल की मांग
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री, गृहमंत्री के नाम एसडीएम शैलेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 9 दिसंबर की रात 9.30 बजे शहर के बीचों-बीच और थाना से करीब 50 मीटर की दूरी पर प्रवीण पंथी उर्फ छोटू व उसके साथियों द्वारा, जिनपर पूर्व से गंभीर मामले दर्ज हैं, उनके द्वारा लोगों पर जानलेवा हमला किया गया। प्रॉपर्टी ब्रोकर निखलेश जैन आदि पर हमला कर 50 हजार रुपए की रंगदारी मांगी गई। जान बचाकर जब लोग थाना परिसर में पहुंचे, तो वहां भी आरोपियों ने मारपीट की और पुलिस देखती रही। लोगों ने छोटू पंथी व उसके एक साथी को पकड़कर पुलिस को सौंपा और बाकी पुलिस के सामने भाग निकले। मारपीट में करीब 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बाद भी पुलिस ने आनाकानी करते हुए सुबह 4 बजे रिपोर्ट दर्ज की। फरार आरोपियों को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई है, जिससे लोग दशहत में हैं। साथ ही पुलिस पर यह भी आरोप हैं कि जितने लोगों के नाम बताए थे, उनके नाम एफआइआर में नहीं हैं। आरोपियों द्वारा लगातार धमकाया जा रहा है और रिपोर्ट वापस लेने की धमकी दी जा रही है। लोगों ने अपराधियों को जिला बदर करने, सभी के मकान ध्वस्त करने, थाना प्रभारी का तबादला करने और वीरेन्द्र सिंह के साथ मारपीट करने वाली पुलिसकर्मी को बर्खास्त करने की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर सात दिन बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
Published on:
12 Dec 2022 08:40 pm
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