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रेलवे मालगोदाम तक रोड बनाने के आश्वासन हुए खोखले साबित, कॉलोनी से निकलते हैं वाहन

हादसों का डर, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, कई बार कॉलोनीवासी जता चुके हैं विरोध और अधिकारियों को सौंप चुके हैं ज्ञापन, कॉलोनी में लगे हाइटगेज भी हटाए
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Assurances regarding the construction of a road to the railway goods shed have proven hollow; vehicles continue to pass through the colony.

रेलवे लाइन किनारे यहां से प्रस्तावित है रोड

बीना. पश्चिमी रेलवे कॉलोनी स्थित रेलवे की मालगोदाम तक पहुंचने के लिए अभी तक अधिकारी रोड नहीं बना पाए हैं। अब रेलवे स्टेशन का कार्य भी जल्द शुरू होना है, जिससे भारी वाहन बड़ी संख्या में कॉलोनी से निकलेंगे। इसके बाद भी इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रेलवे की मालगोदाम वर्षों पहले पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में झांसी गेट के पास बनाई गई थी और उस समय चारों तरफ से रास्ता खुला था, लेकिन अब आसपास मकान बनने के बाद रास्ता संकरा हो गया है। साथ ही यहां बनाए गए ओवरब्रिज ने स्थिति और खराब कर दी है। मालगोदाम आने वाले वाहन ब्रिज के बाजू से बने संकरे एप्रोच रोड से नहीं निकल पाते हैं, जिससे वह कॉलोनी के बीच से निकल रहे हैं। एफसीआई से मालगाड़ी में लोड होने के लिए गेहूं भेजा जाता है और यह वाहन भी कॉलोनी से निकलते हैं। आने वाले वर्षों में उद्योग लगने से मालगोदाम आने-जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ जाएगी, इसको लेकर रेलवे के अधिकारियों के पास कोई योजना नहीं है।

आश्वासन दिए हुए बीते दो वर्ष
दो वर्ष पूर्व रेलवे के अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान मालगोदाम तक रोड बनाने की मांग उठी थी और अधिकारियों ने आगासौद रोड स्थित डबल फाटक से झांसी रेलवे लाइन के बाजू से सीधा रोड गोदाम तक बनाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सर्वे कराया गया था, लेकिन आगे कोई काम नहीं हुआ है। इस रोड से खुले मौसम में छोटे वाहन निकल जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही रोड बंद हो जाता है। यदि रेलवे रोड बना दे, तो अन्य वाहन भी यहां से निकलते रहेंगे। डबल लॉक गेट बंद होने पर वाहन चालकों को खड़े नहीं होना पड़ेगा।

शिफ्टिंग का भी नहीं कोई प्लान
मालगोदाम शिफ्टिंग करने को लेकर भी अधिकारियों के पास कोई प्लान नहीं है। जबकि अन्य शहरों में मालगोदाम दूसरी जगह शिफ्ट कर दी गई हैं, जिससे अब परेशानी नहीं होती है। जबकि बीना के पास रेलवे की पर्याप्त जगह है, जहां गोदाम बनाई जा सकती है। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। न तो यहां व्यवस्थित रोड बनाई जा रही है और न शिफ्टिंग को लेकर कोई प्रयास हो रहे हैं।