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अतिरक्ति कक्षाएं लगाईं और कमजोर बच्चों को कराई अलग से तैयारी, शत-प्रतिशत आया परीक्षा परिणाम

उत्कृष्ट स्कूल पिछड़ा, सांदीपनि स्कूल का परिणाम रहा अच्छा, कोंरजा हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम आया 46 प्रतिशत, ब्लॉक में सबसे कम परीक्षा परिणाम आया इस स्कूल का

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Conducted extra classes and provided separate preparation to weak students, resulting in 100% exam results.

सांदीपनि स्कूल की दो छात्राएं प्रदेश की मेरिट सूची में शामिल, जश्न मनाते हुए। फोटो-पत्रिका

बीना. एमपी बोर्ड की कक्षा 10 वीं और 12 वीं का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है और इसमें कुछ स्कूलों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। वहीं, ब्लॉक में शासकीय स्कूलों में कक्षा 10 वीं का 76 और बारहवीं का 68 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा।
इस वर्ष उत्कृष्ट स्कूल, उत्कृष्ट परिणाम नहीं दे सका। कक्षा दसवीं में 73 और बारहवीं में 51 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। वहीं, सांदीपनि स्कूल का कक्षा दसवीं का 94 और बारहवीं का 94.44 प्रतिशत रहा। सांदीपनि स्कूल से दो छात्राएं प्रदेश की मेरिट की सूची भी आई हैं, लेकिन उत्कृष्ट स्कूल से दोनों कक्षाओं में टॉपर नहीं हैं।
इन स्कूलों का शत-प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम
कक्षा दसवीं में ऐरन और पार स्कूल का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। वहीं, कक्षा बारहवीं में कंजिया, हिन्नौद, गिरोल स्कूल का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा। हाई स्कूल पार के प्रभारी प्राचार्य हेमंत बबेले ने बताया कि पिछले वर्ष 97 प्रतिशत परीक्षा परिणाम था। परीक्षा परिणाम सुधारने अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गईं और जिन विषयों में परेशानी थी उन्हें समझाया गया। कुल उत्तीर्ण 60 विद्यार्थियों में से प्रथम स्थान 19 बच्चों ने प्राप्त किया।

कमजोर बच्चों का ग्रुप बनाकर कराया अध्ययन
शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल गिरोल में कक्षा बारहवीं के कला संकाय में 34 विद्यार्थियों में सभी छात्र उत्तीर्ण हुए और 29 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में आए हैं। प्राचार्य मनोज चढ़ार ने बताया कि निदानात्मक कक्षाएं लगाई गईं और कमजोर बच्चों के ग्रुप बनाकर उन्हें पढ़ाया गया। अतिथि शिक्षकों ने भी बहुत मेहनत की। पिछले वर्ष का परीक्षा परिणाम 85 प्रतिशत था। हिन्नौद के प्राचार्य दिनेश चौबे ने बताया कि 21 विद्यार्थी थे और सभी उत्तीर्ण हुए, जिसमें 18 प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। प्राचार्य ने बताया कि 9 से 12 वीं तक सिर्फ वही स्थायी शिक्षक हैं और बाकी अतिथि शिक्षक हैं, लेकिन सभी ने मेहनत की, जिससे परीक्षा परिणाम अच्छा है। पिछले वर्ष परीक्षा परिणाम 84.5 प्रतिशत था।

इन स्कूलों का परीक्षा परिणाम रहा निराशा जनक
कक्षा दसवीं में कोंरजा स्कूल 46, आगासौद का 59, चमारी स्कूल 60, मंडीबमोरा स्कूल का 62 प्रतिशत और कक्षा बारहवीं में शासकीय स्कूल क्रमांक दो का 49, मंडीबामोरा 57, कोंरजा 52, आगासौद स्कूल का 53 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा।

बनाई जाएगी कार्ययोजना
जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम कमजोर है, उनके प्राचार्यों के साथ चर्चा कर विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। ब्लॉक के परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ है।
नीतेश दुबे, बीइओ, बीना