21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीना-सागर लाइन पर दोपहर एक से छह बजे के बीच नहीं एक भी पैसेंजर ट्रेन

32 ट्रेनों में से केवल चार ही रुकती हैं हर स्टेशन पर, दोपहर में ट्रेन न होने से लोग परेशान, सागर की यात्रा बसों से करने पर लगता है तीन घंटे से ज्यादा समय, किराया भी है ज्यादा

2 min read
Google source verification
There was not a single passenger train on the Bina-Sagar line between 1 pm and 6 pm.

फोटो-एआई

बीना. बीना से सागर जाने वाले यात्रियों को आज भी आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीना जंक्शन और बीना मालखेड़ी जंक्शन से सागर के बीच कुल 32 ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन इनमें से केवल चार ट्रेनें ही ऐसी हैं, जो बीना से सागर के बीच सभी स्टेशनों पर रुकती हैं। अधिकांश ट्रेनें एक्सप्रेस और सुपरफास्ट हैं, जो सीधे खुरई या सागर में ही रुकती हैं।
सागर जिला मुख्यालय होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का काम से आना-जाना रहता है। ऐसे में प्रत्येक स्टेशन के यात्रियों को सुविधाजनक समय पर ट्रेन उपलब्ध होना आवश्यक है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था यात्रियों की जरूरतों पर खरी नहीं उतर रही है।

कोरोना काल के बाद नहीं सुधरी व्यवस्था
रेलवे ने कोरोना काल के बाद किए गए बदलावों से क्षेत्र के हजारों यात्री प्रभावित हैं। पहले सुबह आठ बजे चलने वाली बीना-दमोह पैसेंजर ट्रेन को बंद कर दिया गया था, जिसे अब तक दोबारा शुरू नहीं किया गया है। इसके स्थान पर बीना-कटनी मेमू ट्रेन का संचालन तो शुरू हुआ, लेकिन वह सुबह पांच बजे चलती है। ऐसे में जिन यात्रियों को सुबह 11 बजे तक सागर पहुंचना होता है, वह अनावश्यक रूप से सुबह साढ़े छह बजे ही सागर पहुंच जाते हैं, जिससे समय बर्बाद होता है।

वहीं, दोपहर 1.5 बजे भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस ट्रेन बीना से सागर की ओर जाती है, जो दो स्टेशनों को छोडकऱअधिकांश स्टेशनों पर रुकती है। इसके बाद शाम छह बजे तक सागर के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं है। कोरोना काल से पहले बीना से दमोह के बीच दोपहर तीन बजे एक ट्रेन संचालित होती थी, जिसे भी दोबारा शुरू नहीं किया गया है। इस संबंध में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

ट्रेनों के मामले में उपेक्षित बीना
भले ही बीना को एक प्रमुख जंक्शन माना जाता है, लेकिन दिल्ली-मुंबई रूट को छोडकऱ अन्य दिशाओं में सीमित ट्रेनें ही उपलब्ध हैं। बीना-सागर रूट की स्थिति और भी खराब है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनें पहले की तुलना में कम हो गई हैं और जो चल रही हैं, वह भी समय पर नहीं पहुंचती हैं।

बढ़ाई जाएं ट्रेनें
बीना स्टेशन बड़े जंक्शन में गिना जाता है, लेकिन सुविधाओं के मामले में उपेक्षा झेल रहा है। विशेष रूप से बीना-सागर रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
रोहित तिवारी, बीना

छोटे स्टेशन के यात्री परेशान
सागर जिला मुख्यालय होने के कारण लोगों का नियमित आना-जाना रहता है। दोपहर में एक ट्रेन शुरू की जानी चाहिए, जिससे छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भी राहत मिल सके।
अनुज तिवारी, बीना

सुबह आठ बजे चलने वाली बीना-दमोह पैसेंजर बंद होने से अपडाउन करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। अब सुबह पांच बजे की ट्रेन से ही यात्रा करनी पड़ती है। साथ ही दोपहर में भी एक ट्रेन चलाने की आवश्यकता है।
शुभम सेन, बीना