
Contaminated water chestnut flour wreaked havoc, two fell ill again, no ban on sale in the market
बीना. दिव्य ज्योति कंपनी के सिंघाड़ा आटा की पूड़ी खाने के बाद शनिवार को पति, पत्नी बीमार हो गए और निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दो दिन पूर्व सात लोग बीमार हुए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और आटे की बिक्री जारी है। शायद अधिकारी किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं। भीम वार्ड निवासी राकेश पिता रामप्रसाद रैकवार (42) ने बताया कि वह जैन प्रोविजन से दिव्य ज्योति कंपनी का सिंघाड़ा आटा लेकर आए थे। शनिवार की दोपहर इस आटे की पूड़ी राकेश और उसकी पत्नी नेहा रैकवार (32) ने खाई थीं। पूड़ी खाने के डेढ़ घंटे बाद ही उन्हें उल्टी शुरू हो गईं और घबराहट होने लगी, जिससे एक निजी नर्सिंगहोम में भर्ती होकर इलाज कराना पड़ा। डॉक्टर ने बताया कि दोनों को फूड पॉइजनिंग के लक्षण हैं और इलाज के बाद हालत में सुधार है। गौरतलब है कि इसी कंपनी के आटे से बने व्यंजन खाने से बुधवार की रात शास्त्री वार्ड में दो परिवार के सात लोग बीमार हुए थे और खाद्य विभाग की टीम ने आकर संबंधित दुकान से आटा के सैम्पल लिए थे। सैम्पल की कार्रवाई के बाद कुछ नहीं किया और बाजार में आटा बिक्री जारी है, जिससे कई लोग बीमार हो सकते हैं।
बिक्री पर लगनी थी रोक, कराया जाना था एनाउंस
दूसरे शहरों में सिंघाड़ा आटा खाने से लोगों के बीमार होने पर प्रशासन ने तत्काल उसकी बिक्री पर रोक लगाते हुए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एनाउंस कराकर आटा न खाने के लिए लोगों को जागरूक किया था, लेकिन यहां अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। बड़ी अनहोनी के बाद ही उनकी नींद खुलेगी और फिर इस ओर कदम उठाए जाएंगे।
Published on:
25 Mar 2023 09:33 pm
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