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जनपद पंचायत के जर्जर भवन में काम करने को मजबूर कर्मचारी, नहीं बन पा रहा नया भवन

जमीन न मिलने से अटका है निर्माण कार्य, यहां कार्य करने वाले कर्मचारियों को खतरा
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Employees forced to work in the dilapidated building of the Janpad Panchayat, new building is not being constructed

खपरेल जनपद पंचायत भवन पर डली तिरपाल

बीना. जनपद कार्यालय की जर्जर बिल्ंिडग में आज भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने को मजबूर हैं। भवन की दीवारों पर दरारें और छत से झड़ता प्लास्टर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद मजबूरी में कर्मचारी रोजाना इसी खंडहरनुमा भवन में बैठकर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जनपद भवन के लिए 1.27 करोड़ रुपए की लागत से नया भवन बनाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन इसके लिए अब तक जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। जमीन न मिलने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर कई जगहों पर तलाशी ली जा चुकी है, लेकिन अब तक उपयुक्त स्थान तय नहीं हो पाया है। इसी भवन में जनपद अध्यक्ष उषा राय और सीइओ ऋतु जैन भी प्रतिदिन बैठती हैं। कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना है कि पुराने भवन में बैठना हर दिन जान जोखिम में डालने जैसा है।

जमीन चिन्हित करने की मांग
कर्मचारियों की मांग है कि जल्द से जल्द नए भवन के लिए जमीन चिन्हित कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लोगों का यह भी मानना है कि जब अधिकारी स्वयं खतरे के बीच काम कर रहे हैं, तब इस मामले पर सरकार और प्रशासन को त्वरित ध्यान देना चाहिए।

लंबे समय से है चर्चा में
जनपद भवन का यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि जल्द ही भवन का निर्माण शुरू होगा और वह भयमुक्त वातावरण में काम कर सकेंगे।