
Farmers and traders are upset in the market due to chaos, there is a jam
बीना. कृषि उपज मंडी में आवक ज्यादा होते ही किसान व व्यापारियों को परेशान होना पड़ता है। यह स्थिति सीजन पर हर बार बनती है, लेकिन सुधार नहीं हो पा रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रम से न लगाए जाने के कारण नीलामी के बाद किसानों को निकलने भी जगह नहीं बचती है। शुक्रवार को भी यही स्थिति निर्मित हुई और वाहन फंस जाने से जाम लगा रहा।मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रम से लगाने के लिए सुरक्षा गार्डों द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है और किसान मनमर्जी से ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े कर लेते हैं। नीलामी के बाद किसानों को व्यापारी के फड़ तक पहुंचने भी जगह नहीं रहती है। शुक्रवार की दोपहर भी इसी प्रकार की स्थिति बनी और परिसर में ही जाम लग गया। बड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया, तब कहीं किसान व्यापारी के फड़ तक पहुंचे और उपज की तौल हो सकी। अव्यवस्थाओं के कारण कुछ व्यापारी दूसरी डाक में शामिल नहीं हुए हैं, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। आवक ज्यादा होने पर टोकन व्यवस्था शुरू की जाए या फिर क्रम से ट्रैक्टर-ट्रॉली लगवाए जाएं, तो परेशानी से निजात मिल सकती है।
चौदह हजार क्विंटल हुई आवक
शुक्रवार को मंडी में सीजन की सबसे ज्यादा चौदह हजार क्विंटल आवक दर्ज हुई, क्योंकि किसान फसल की थ्रेसिंग कर सीधे मंडी में उपज बेचने पहुंच रहे हैं। ज्यादा आवक होने के बाद भी शाम तक सभी किसानों के उपज की नीलामी हो गई थी। आने वाले दिनों में आवक और बढ़ेगी। दूसरे दिन के लिए रात से ही किसान मंडी पहुंचने लगते थे।
सुरक्षा गार्ड काट रहे पर्ची
सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉली व्यवस्थित लगवाने और सुरक्षा व्यवस्था की रहती है, लेकिन मंडी में कर्मचारी न होने के कारण उनसेडाक पर्ची कटवाई जा रही हैं। यदि सुरक्षा गार्ड अपना मूल कार्य करें, तो कुछ हद तक व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
Published on:
24 Mar 2023 09:48 pm
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