
जिला सहकारी बैंक बीना
बीना. ब्लॉक में पंद्रह सहकारी समितियां संचालित हो रही हैं, फिर इन समितियों से किसानों को खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है। समिति सिर्फ समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी करती हैं। यदि समितियों से किसानों को खाद मिलने लगे, तो गोदाम पर लगने वाली लंबी कतारों से निजात मिलेगी।
जानकारी के अनुसार ब्लॉक में 15 समितियां हैं, जिनमें 7241 किसान जुड़े हैं और 4369 किसान नियमित हैं। साथ ही 2872 किसान ऋण चुकता न करने पर डिफाल्टर हैं। पहले समितियों से किसानों को उधार खाद मिलता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से खाद लेना बंद कर दिया है और किसानों को बिहरना गोदाम जाकर कतारों में खड़े होकर नकद में खाद लेना पड़ता है। यह स्थिति समिति से खाद की डिमांड न आने के कारण बन रही है। किसानों का कहना है कि समितियां सिर्फ समर्थन मूल्य पर खरीदी करती हैं, क्योंकि इसमें उन्हें लाभ होता है। जब किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने की बात आती हैं, तो सभी पीछे हट जाते हैं।
40-40 किमी दूर से आ रहे किसान
समितियां निष्क्रिय होने के कारण किसान 40-40 किलोमीटर दूर से खाद लेने बिहरना गोदाम पहुंचने मजबूर हैं। पहले किसान टोकन लेने आते हैं और फिर खाद लेने के लिए आना पड़ता है। ऐसे ही कई और भी कई गांव हैं, जो 30 से 40 किलोमीटर दूर से गोदाम पहुंचते हैं। यदि समितियां खाद लेने लगें, तो यह समस्या हल हो सकती है।
नई गोदाम बनाने का कार्य नहीं हो पाया शुरू
चार वर्ष पूर्व तक शहर के आगासौद रोड स्थित डबल लॉक गोदाम से खाद का वितरण होता था, लेकिन गोदाम जर्जर होने के कारण उसे गिरा दिया गया है और नया निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसलिए बिहरना स्थित स्टेट वेयर हाउस से खाद का वितरण हो रहा है।
दी है खाद की डिमांड
रामपुर सहकारी समिति के संचालक ने बताया कि उन्होंने 150 टन खाद की डिमांड दी है, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिला है। वहीं, कुछ समिति संचालकों का कहना है कि जिस प्रकार गोदाम से नकद में खाद वितरित हो रहा है, वैसे ही समितियों से कराया जाए।
नहीं आती है डिमांड
सहकारी समितियों से खाद की डिमांड न आने के कारण उन्हें खाद नहीं दिया जाता है। यदि समितियां समय पर डिमांड करें, तो खाद, बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
हृदेश बिलगैंया, प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, बीना
Published on:
18 Sept 2025 11:48 am
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