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निजी स्कूलों की जांच करने बनाए पांच दल, पुस्तक, गणवेश और सुविधाओं की ली जा रही जानकारी

पत्रिका में खबरें प्रकाशित होने के बाद सहायक संचालक ने बनाए दल, पांच दिनों में रिपोर्ट तैयार कर सौंपनी होगी, अनियमितताएं मिलने पर एसडीएम करेंगे आगे की कार्रवाई

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Five teams have been formed to inspect private schools, gathering information on books, uniforms and facilities.

निजी स्कूल में जानकारी एकत्रित करते हुए जांच दल के सदस्य। फोटो-पत्रिका

बीना. निजी स्कूल मनमानी से पुस्तक व गणवेश की खरीदी करा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस संबंध में पत्रिका ने लगातार खबरें प्रकाशित की और इसके बाद सहायक संचालक ने पांच दल स्कूलों की जांच के लिए नियुक्त किए हैं, जो अलग-अलग स्कूलों में जाकर जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में अनियमितताएं भी सामने आ रही हैं।
दलों ने स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया और इस दौरान पुस्तकें, फीस, गणवेश, टाई, बेल्ट, जूते सहित स्कूल की सुविधाओं की जानकारी एकत्रित की है। निजी पब्लिेशन और एनसीइआरटी की कितनी पुस्तकें चलाई जा रही हैं, उनके दाम कितने हैं और कितनी स्टेशनरी पर इनकी बिक्री की जा रही है यह भी जानकारी ली। बच्चों से भी स्कूल की सुविधाओं और पुस्तक, फीस के संबंध में पूछा गया। एक स्कूल में पुस्तकें चार दुकानों पर उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन बच्चों ने बताया कि गणवेश सिर्फ एक दुकान पर ही उपलब्ध है, जबकि नियमानुसार एक दुकान से गणवेश की बिक्री नहीं की जा सकती है। जांच दल इन सभी बिन्दुओं की रिपोर्ट तैयार कर सहायक संचालक को सौंपेंगे। गौरतलब है कि निजी स्कूल संचालक छोटी-छोटी कक्षाओं में 4-4 हजार रुपए की पुस्तकें खरीदने दबाव बना रहे हैं और कुछ स्कूल पहली कक्षा में 16 पुस्तकों का सेट खरीदने के लिए कहा रहे हैं। जबकि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार एनसीइआरटी की पुस्तकें चलाने के निर्देश हैं, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

सत्र शुरू होते ही नहीं दिया ध्यान
शैक्षिक सत्र शुरू हुए आधा माह बीतने को है, लेकिन शिक्षा विभाग ने इस ओर पहले ध्यान नहीं दिया, जबकि यह कार्रवाई मार्च माह से शुरू होनी थी, तब अभिभावकों को राहत मिल पाती। क्योंकि स्कूल संचालक मार्च माह से ही पुस्तक और गणवेश की खरीदी शुरू करा देते हैं। शिकायतों के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है और अभिभावक को परेशान होना पड़ता है।

प्रतिवेदन तैयार कर सौंपा जाएगा एसडीएम को
शहर सहित भानगढ़, मंडीबामोरा के निजी स्कूलों की जांच करने के लिए पांच दल गठित किए हैं। पांच दिन में वह जांच रिपोर्ट देंगे, जिसका प्रतिवेदन तैयार कर एसडीएम को सौंपा जाएगा।
नीतेश दुबे, सहायक संचालक, बीना