
Game of commission even in government school uniform
बीना. अभी तक निजी स्कूल संचालकों द्वारा चिंहित दुकानों से गणवेश और पुस्तक बिक्री कराने के मामले सामने आते थे, लेकिन अब सरकारी स्कूल भी पीछे नहीं हैं। सीएम राइज स्कूल की प्रधानाध्यापक ने गणवेश खरीदने एक दुकान का नाम लिखकर अभिभावकों के ग्रुप में पत्र जारी किया है।
सरकारी स्कूल की पुस्तक, गणवेश बाजार में लगभग सभी दुकानों पर उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे अभिभावकों को परेशानी न हो, लेकिन सीएम राइज स्कूल द्वारा नया नियम निकाला गया है। माध्यमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक शांति ताम्रकार ने अभिभावकों के ग्रुप में एक पत्र डाला है, जिसमें गणवेश खरीदने के लिए एक दुकान का नाम लिखा है। दुकान के नाम के साथ उसका पता, मोबाइल नंबर भी लिखा गया है, जबकि नियमानुसार एक दुकान से गणवेश नहीं बेची जा सकती है। एक से ज्यादा दुकानों पर गणवेश होने से अभिभावकों को रियायत मिल जाती है। ग्रुप में डले इस पत्र के बाद गणवेश खरीदी में कमीशन के खेल की आशंका जताई जा रही है। मामला सामने आते ही शनिवार की दोपहर पत्र ग्रुप से हटा दिया गया है, लेकिन कुछ अभिभावकों ने इसके स्क्रीन शॉट ले लिए थे।अभिभावक भी इस तरह का पत्र ग्रुप में डालने को लेकर नाराज हैं।
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
सरकारी स्कूलों में यह स्थिति है, तो निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जाती होगी, यह इसका उदाहरण है। इन मामलों में विभाग के अधिकारियों की भी लापरवाही रहती है, क्योंकि उनके द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है, जिससे स्कूल प्रभारी मनमर्जी करते हैं।
एक से ज्यादा दुकानों पर है गणवेश
गणवेश करीब छह दुकानों पर रखी गई है। शिक्षकों की जानकारी के लिए सदन और कलर का उल्लेख पत्र में किया था। पंद्रह अगस्त पर सभी बच्चे गणवेश में आएं, इसलिए बच्चों को सूचना दी गई थी।
शांति ताम्रकार, प्रधानाध्यापक
Published on:
13 Aug 2023 12:58 pm
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