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36 घंटे बंद रहा गेट, परेशान हुए वाहन चालक

खिमलासा रेलवे गेट पर किया गया मरम्मत कार्य

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Gate remained closed for 36 hours, drivers upset

Gate remained closed for 36 hours, drivers upset

बीना. खिमलासा रोड स्थित रेलवे गेट पर ट्रैक मरम्मत का काम किया गया। इस वजह से गेट 36 घंटे के लिए पूरी तरह से बंद कर रहा और बीना-मालथौन रोड का यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। खासतौर से भारी वाहन इस मार्ग से न तो शहर से बाहर निकल पाए और न शहर में प्रवेश कर पाए। छोटे वाहनों की आवाजाही कुटी मंदिर के पास बने अंडरब्रिज से जारी रही। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि महादेवखेड़ी-मालखेड़ी लाइन खिमलासा रोड पर स्थित इस गेट से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन निकलते हैं। खासतौर से रिफाइनरी से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस टैंकर निकलते हैं। इस लाइन पर रबर पैकिंग का काम मशीन से किया जाना था। इसलिए इसे 36 घंटे तक बंद रखा गया। रेलवे ने शनिवार व रविवार को रेलवे गेट पर पटरियों के बीच लगी रबर पैकिंग को निकालकर गिट्टी की छनाई कराई व फिर से नई गिट्टी डालकर ट्रैक की पैकिंग कराई गई। चूंकि ट्रैक पर कई जगहों पर हाथ से काम होने के कारण सही तरीके से पैकिंग नहीं हो सकी थी, इसलिए मशीन से काम कराया जाना था, लेकिन इसके लिए भी मालखेड़ी के पास पॉइन्ट नहीं जुड़ा था और मशीन ट्रैक पर नहीं चल पा रही थी। इसलिए शनिवार को मालखेड़ी स्टेशन के पास ब्लॉक लेकर सबसे पहले इस लाइन का पॉइन्ट जोड़ा गया, उसके बाद लाइन पर मशीन से जहां भी काम किया जाना था, वह काम पूरा किया गया।
ट्रेनें नहीं हुई प्रभावित
जानकारी के अनुसार मरम्मत कार्य के दौरान ब्लॉक नहीं लिया गया। यहां से ट्रेनों को धीमी गति से निकाला गया। ट्रेन आने पर मेंटेनेंस का काम बंद कर दिया जाता है और ट्रेन निकलने पर काम शुरू कर दिया जाता है। इससे रेलवे यातायात पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा।
नहीं निकल सके हैवी वाहन
रेलवे गेट बंद होने के कारण बीना-मालथौन रोड का हैवी ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहा। जिन वाहन चालकों को गेट बंद होने की पहले से जानकारी नहीं थी, वह गेट पर पहुंचे, इससे गेट के दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। हालांकि रेलवे गेट पर गेट बंद होने की जानकारी पहले से ही चस्पा कर दी गई थी, इसलिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ा।