
Irregularities of ration shops
सागर. गरीबों को सस्ती दर पर राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित दुकानों पर अनियमितताओं की भरमार है। राशन माफिया अधिकारियों की मिलीभगत से गरीबों और बेसहाराओं का राशन डकारने में जुटे हैं। इस बात की पुष्टि शहर की राशन दुकानों पर चल रही मनमर्जी बयां कर रही है। हालात यह हैं कि राशन दुकानों पर आज भी इलेक्ट्रिानिक तोल कांटा अनिवार्य होने के बाद भी संचालक परंपरागत तोल कांटों का उपयोग कर रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि यह स्थिति दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं बल्कि शहर के संजय ड्रायव से लगे पिपरिया में कनेरादेव नाम से आवंटित राशन दुकान की है, जबकि खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिानिक तोल कांटे का उपयोग न कर पुराने कांटे से तुलाई करने पर कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन कार्रवाई की जिम्मेदारी जिस सरकारी अमले पर है उनको यह अनियमितताएं नजर ही नहीं आ रहीं हैं या यूं कहें कि आखें मूंद कर बैठे हैं।
दो साल पहले हुए थे आदेश
राशन वितरण में पारदर्शिता रखने को लेकर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रानिक तोल कांटे से वितरण के निर्देश दिए थे। इस दौरान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों पर स्वयं इलेक्ट्रानिक तोल कांटे उपलब्ध कराए थे, जबकि शहरी क्षेत्र के दुकान संचालकों को स्वयं खरीदी के निर्देश दिए थे। खाद्य विभाग के अनुसार इस आदेश को करीब दो साल हो चुके हैं।
1- कनेरादेव राशन दुकान
चार दिन से भटक रहे राशन को
संजय ड्रायव से लगे पिपरिया में खुली कनेरादेव की राशन दुकान पर बाहर बैठी मिली धर्मश्री निवासी जानकी तिवारी ने बताया कि वे बीते चार दिन से राशन के लिए चक्कर काट रहीं हैं, लेकिन यहां आओ तो हमेशा यही बोलकर राशन नहीं दिया जा रहा है कि उनके परिजनों के आधार नंबर अपडेट नहीं हुए हैं, जबकि खाद्य विभाग के जिला कार्यालय में कहा जा रहा है कि सभी के आधार नंबर अपडेट हैं। महिला ने बताया कि वो दो माह से एेसे ही राशन लेने के समय परेशान होती है।
12 और उपभोक्ता परेशान
रामकृष्ण चौरसिया के नाम से आवंटित कनेरादेव राशन दुकान पर वितरण करते मिले सनील नामदेव ने बताया कि एेसे करीब १२ और उपभोक्ता हैं जिनका आधार अपडेट नहीं हैं, लेकिन विभाग में बात की है, जानकी तिवारी को राशन वितरण किया जाएगा।
2- सबूदार दुकान नंबर-1
सूबेदार वार्ड की राशन दुकान पर बाकी अनियमितताएं तो नहीं मिलीं, लेकिन यहां पर राशन वितरण का प्रतिशत आठ दिन में 15 प्रतिशत भी नहीं हो सका। राशन वितरक के अनुसार उनके उपभोक्ताओं की संख्या करीब सवा सात सौ है, लेकिन शुक्रवार यानी ८ मार्च की दोपहर तक 96 उपभोक्ताओं को ही राशन का वितरण हो सका। मौके पर मिले उपभोक्ताओं ने अपना नाम तो नहीं बताया, लेकिन उनकी शिकायत थी कि दुकान बंद होने के कारण वह राशन लेने में लेट हो गए।
सर्वर न होने का दिया तर्क
इस बात को लेकर दुकान संचालक दीपक दुबे का तर्क था कि हर माह की 21 तारीख से 3 तारीख तक मशीन ओपन ही नहीं होती है और बीते दिनों सर्वर न होने के कारण राशन का वितरण नहीं हो सका। जबकि दुबे स्वयं इस बात को स्वीकार रहे हैं कि उनके आसपास की दुकानों पर सर्वर की कोई समस्या नहीं थी।
इलेक्ट्रिानिक कांटे अनिवार्य कर दिए हैं
पुराने कांटे प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इलेक्ट्रिानिक कांटे अनिवार्य कर दिए हैं। शहर में सभी दुकानों पर इलेक्ट्रिानिक तोल कांटों से ही वितरण हो रहा है, यदि किसी ने कांटे की खरीदी नहीं की है तो जल्द ही व्यवस्था कराई जाएगी।
राजेंद्र वायकर, जिला आपूर्ति नियंत्रक
Published on:
09 Mar 2019 08:00 am
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