
MP Election 2023 : खुरई सीट पर इस बार 79.02% मतदान, यहां हर बार होती है वन-टू-वन फाइट
बुंदेलखंड के सागर जिले की खुरई विधानसभा सीट 1990 के बाद से सिर्फ 2008 का चुनाव छोड़कर भाजपा ही जीत हासिल करती आ रही है। मौजूदा समय में इस सीट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खासम खास माने जाने वालेनगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस सीट पर अपने युवा चेहरे के तौर पर रक्षा सिंह राजपूत को मौदान में उतारा है। इस सीट की खास बात ये है कि यहां चुनावों में प्रत्याशियों की वन-टू-वन फाइट देखने को मिलती है।
17 नवंबर को संपन्न हुए चुनाव में खुरई विधानसभा सीट पर 79.02 फीसदी की वोटिंग दर्ज की गई है। वहीं, बात करें 2018 के वोट प्रतिशत की तो पिछली बार इस सीट पर 81.66 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि 2013 में यहां 76.10 प्रतिशत वोट पड़े थे। देखना दिलचस्प होगा कि इस बार जनता इस सीट से किस उम्मीदवार को चुनकर मध्य प्रदेश की विधानसभा पहुंचाती है।
विदानसभा का राजनीतिक इतिहास
खुरई विधानसभा सीट से एक बार छोड़कर 1990 से लगातार बीजेपी की जीत होती आ रही है। सिर्फ 2008 में एक बार कांग्रेस के अरुणोदय चौबे ने भाजपा के भूपेंद्र सिंह के वोट में सेंध मारकर जीत हासिल की थी। इसी के चलते इस सीट को बीजेपी का सिंगल ब्रेक किला भी कहा जाता है। इस वीवीआईपी सीट से कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चुनाव लड़ते आए हैं। सिर्फ एक हार को छोड़ दें तो वो लगातार यहां से चुनाव जीतते आए हैं। इससे पहले 1993, 1998 और 2003 के चुनाव में यहां से भाजपा के धर्मू राय ने जीत हासिल की थी।
खुरई सीट पर 2018 के परिणाम
2018 के चुनाव परिणाम पर गौर करें तो यहां से भाजपा के भूपेंद्र सिंह ने 78,156 वोट हासिल करते हुए कांग्रेस के टिकट पर खड़े हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अरुणोदय चौबे को 10 फीसदी वोटों के अंतर से हराया था।
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खुरई विधानसबा के जातिगत समीकरण
खुरई विधानसभा सीट पर जातिगत समीकरणों पर गौर करें तो यहां मुख्यरूप से ठाकुरवाद हावी रहता है। इलाके में पटेल समाज की अच्छी खासी जनसंख्या है, जो चुनाव में खासा असर डालते हैं। इसके अलावा यहां जैन, यादव, दांगी के साथ ही एससी वर्ग के मतदाता जीत हार का फैसला करते हैं।
भाजपा के भूपेंद्र सिंह
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए अपने कद्दावर नेता और मौजूदा विधायक भूपेंद्र सिंह को प्रत्याशी चुना है। भूपेंद्र सिंह इस सीट पर लगातार दो बार से विधायक हैं।
कांग्रेस की रक्षा सिंह राजपूत
वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस सीट पर रक्षा राजपूत को टिकट देकर क्षेत्र के साथ साथ प्रदेशभर को हैरान करके रख दिया। प्छले दिनों तक ऐसा माना जा रहा था कि कांग्रेस में वापसी करने वाले पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे को इस बार पार्टी अपना प्रत्याशी बनाएगी। वहीं ललितपुर के गुड्डू राजा बुंदेला की खुरई क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए यहां से उनके भी प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन कांग्रेस ने रक्षा राजपूत को प्रत्याशी बनाया है। रक्षा राजपूत लगातार मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। नगरीय निकाय चुनाव ने उन्होंने मंत्री भूपेंद्र सिंह पर मालथौन नगर परिषद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया थे।
इस बार हर सीट पर कांटे की टक्कर
6 जनवरी 2024 को मध्यप्रदेश विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। उससे पहले 3 दिसंबर को चुनाव आयोग नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया को पूरा कर लेगा। 17 नवंबर को पूरे प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने सभी 230 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। चुनाव से पहले अबतक सामने आए सर्वेक्षणों में ये पता चला है कि इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच हर सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
Updated on:
02 Dec 2023 09:09 pm
Published on:
05 Nov 2023 07:26 pm
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