
Worlds Smallest Cat Rusty Spotted Cat in VDTR Nauradehi Tiger Reserve MP
MP News: मध्य प्रदेश की वाइल्डलाइफ रोमांच से भरी है, चीता, टाइगर, वुल्फ, फॉक्स, वल्चर्स स्टेट इसे यूं ही नहीं कहा जाता। दुनिया की सबसे बड़ी गिलहरी भी एमपी के जंगलों को आबाद करती है। वहीं अब वन विभाग खुद हैरान हो गया है। जब उसे यहां खुंखार लेकिन शर्मिला दुनिया का सबसे छोटा और दुर्लभ जीव नजर आया। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, नौरादेही में रात के अंधेरे में जंगलों के बीच से गुजरता दिखा यह जीव वन विभाग को हरकत में ले आया। इसके बारे में जानने के लिए अगर आप भी एक्साइटेड हैं, तो जरूर पढ़ें वाइल्डलाइफ की ये रोचक खबर..
दरअसल नौरादेही टाइगर रिजर्व में यह नन्हा सा जीव कैमरे में कैद हो हुआ। इस छोटी सी बिल्ली को वाइल्डलाइफ की दुनिया में 'रस्टी स्पॉटेड कैट' के नाम से जाना जाता है। लेकिन यह अपने फुर्तिलेपन और तेवर के कारण किसी खुंखार चीता-टाइगर से कम नहीं है। वहीं साइज में यह दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली है, एक घरेलू बिल्ली के शावक के बराबर। इसका साइज इतना छोटा है कि यह हथेली में समा जाए। इतनी ही छोटी जिसे आप अपनी पेंट या शर्ट की जेब में भी आसानी से रख लें।
एमपी के सागर, दमोह और नरसिंहपुर में फैले वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह बताते हैं कि टाइगर रिजर्व में पहली बार दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली मिली है। उसके हथेली बराबर और जेब बराबर छोटे साइज के कारण प्यार से पॉकेट टाइगर कहा जाता है। दुर्लभ प्रजाति की यह रस्टी-स्पॉटेड कैट वन विभाग के ट्रैप कैमरों में कैद हुई है। जिसे देखकर वे और उनकी टीम यहां तक कि वन विभाग भी हैरान रह गया।
इसका आकार इतना छोटा है कि घरेलू बिल्ली के शावक भी इसके सामने बड़े हैं। अपने छोटे साइज के बावजूद यह बेहद फुर्तिली और शिकार करने में माहिर है।
एमपी के वीरांगना टाइगर रिजर्व नौरादेही में दुनिया की सबसे छोटी और दुर्लभ प्रजाति की इस जंगली बिल्ली की मौजूदगी के प्रमाण देख वन्यजीव एक्सपर्ट खुद हैरान रह गए हैं। टाइगर रिजर्व में इसकी मौजूदगी जैव विविधता के लिहाज से यह मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि यहां का ईको-सिस्टम इन दुर्लभ जीवों के लिए पूरी तरह अनुकूल है।
रजनीश सिंह बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि यह यहां पहली बार आई है। लेकिन पिछले 25-30 साल में इसे किसी ने एक बार भी नहीं देखा होगा। क्योंकि यह जीव इतना शर्मिला होता है कि जरा भी डिस्टर्ब हुआ तो जगह छोड़ देता है। उनका कहना है कि टाइगर एस्टिमेशन के लिए जंगल में ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। यह दुर्लभ नजारा उन्हीं कैमरों में कैद हुआ। यहां पहले कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया और न ही पहले यहां ट्रैप कैमरा की सुविधा थी। अब ट्रैप कैमरा लगा तो रस्टी स्पॉटेड कैट की मौजूदगी के प्रमाण मिले। यह बिल्ली आमतौर पर रात में ही एक्टिव रहती है।
डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह कहते हैं कि जिस तरह टाइगरग की टैरिटरी होती है। रस्टी स्पॉट कैट की भी अपनी टैरिटरी होती है। लेकिन टाइगर की तरह इसकी टैरिटरी बड़ी नहीं होती।
मध्य प्रदेश को अब एक और तमगा हासिल हो गया है कि यहां है दुनिया का पहला जंगल जहां कैट फैमिली की तीन सबसे बड़ी, सबसे छोटी और अब जल्सद ही चीतों के आने के बाद सबसे फास्टेस्ट प्रजातियां एक साथ रहेंगी। बता दें कि यहां पहले से ही टाइगर, लेपर्ड हैं और आगामी दिनों में यहां चीता प्रोजेक्ट के तहत चीते भी छोड़े जाने वाले हैं और अब यहां जंगली बिल्ली भी यहां पाई गई है। ऐसे में मध्य प्रदेश दुनिया का पहला और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व और अभयारण्य, नौरादेही दुनिया का पहला ऐसा जंगल होगा जहां सबसे बड़ी कैट यानी टाइगर और सबसे छोटी कैट रस्टी स्पॉटेड कैट और फास्टेस्ट कैट चीता एक साथ रहने वाले हैं। दुनिया में ऐसा कोई जंगल या स्थान नहीं है जहां ये तीनों कैट प्रजाति एक साथ रहती हों।
सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में 2 हजार 339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश का सातवां टाइगर रिजर्व है। यह अपनी जैव विविधता के कारण मशहूर है। यहां अकेले कैट फैमिली नहीं, बल्कि स्लॉथ बेयर, भेड़िए और गिद्ध भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। इसे भेड़ियों का सबसे फेवरेट जंगल भी कहा जाता है। यहां भेड़ियों का झुंड में नजर आना बेहद आसान है।
Updated on:
11 Apr 2026 02:16 pm
Published on:
11 Apr 2026 01:18 pm
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