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शहर के 90 प्रतिशत से सरकारी व निजी मकानों में नहीं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कैसे संरक्षित होगा बारिश का पानी

हर साल नगर पालिका से सैकड़ों भवनों को मिल रही अनुमति, लेकिन नहीं लगा रहे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अनुमति देने के बाद नगर पालिका के अधिकारी नहीं करते निरीक्षण

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Over 90% of government and private houses in the city lack water harvesting systems. How will rainwater be conserved?

कृषि विभाग का कार्यालय, जहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा है। फोटो-पत्रिका

बीना. बारिश से पहले गर्मियों में जलस्तर बढ़ाने, संरक्षण और संवर्धन के नाम पर अभियान हर साल चलाया जाता है, लेकिन सरकारी विभाग और अधिकारी अपने ही मकान, बंगला में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग रिचार्जिंग सिस्टम नहीं लगवा रहे। इतना ही नहीं शहर में ही 90 प्रतिशत से ज्यादा मकानों पर यह सिस्टम नहीं लगा है।
कई सरकारी भवन जिनमें भवनों की छतों से बारिश का पानी नालियों से बह जाता है, उसे जमीन के अंदर नहीं उतारा जाता है, जिससे जलस्तर नहीं बढ़ पाता है। गांव में लोगों को पानी बचाने के लिए अभियान चलाया जाता है, तो वहीं शहरों में मकानों के निर्माण के पहले अनुमति लेने पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की अनिवार्यता रहती है। निजी भवनों के मालिक भी अनदेखी कर रहे हैं। मकानों के साथ शहर में स्थित बहुमंजिला भवनों के आगे-पीछे की दीवारों से सटकर सोखता गड्ढे तक नहीं बने हैं और नालियों में बहकर पानी बर्बाद हो जाता है।

इन दफ्तरों में नहीं सिस्टम
शहर के अधिकांश सरकारी दफ्तरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा है। यही कारण है गर्मियों में कई जगहों पर जलस्रोत सूखने लगते हैं। यदि हम शहर के सरकारी भवनों की बात करें, तो यहां पर बारिश का पानी नालियों के माध्यम से बह जाता है। जनपद पंचायत कार्यालय, सिविल अस्पताल, पुलिस थाना, कृषि कार्यालय, बीआरसीसी ऑफिस, महिला बाल विकास विभाग में भी यही हाल हैं। जबकि नपा के लिए इन कार्यालयों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर देना चाहिए।

दश प्रतिशत घरों में भी नहीं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
सरकारी दफ्तरों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना, तो दूर की बात जो लोग नपा से अनुमति लेकर शहर में मकान बना रहे हैं वह भी वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे दिनोंदिन शहर में जलस्तर गिरता जा रहा है। शहर में यदि जांच की जाए, तो दस प्रतिशत घरों में भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा नहीं मिलेगा।

लोग नहीं हो रहे जागरूक
बारिश का पानी संरक्षित करने के लिए लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं, जिससे साल दर साल जलस्तर गिरता जा रहा है। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो भविष्य में पानी की विकराल समस्या होगी। अधिकारी जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन वॉटर हार्वेस्टिंग लग रहे हैं या नहीं इसकी जांच नहीं की जाती है।