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लचर स्वास्थ्य सेवाएं: सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, ओपीडी में एक डॉक्टर की रहती है ड्यूटी, सीएचओ की ले रहे मदद

बीना. क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं और जिस सिविल अस्पताल पर पूरा क्षेत्र निर्भर है वहां ड्यूटी के लिए भी पर्याप्त डॉक्टर तक नहीं हैं। लंबे समय से विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं। अधिकांश मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते लोग निजी नर्सिंगहोम जाने लगे हैं।जानकारी […]

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Poor health services: There is a shortage of doctors in the civil hospital, one doctor is on duty in the OPD, taking help from the CHO.

ओपीडी में एक डॉक्टर मौजूद, सहयोग के लिए बैठी दो सीएचओ

बीना. क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं और जिस सिविल अस्पताल पर पूरा क्षेत्र निर्भर है वहां ड्यूटी के लिए भी पर्याप्त डॉक्टर तक नहीं हैं। लंबे समय से विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं। अधिकांश मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते लोग निजी नर्सिंगहोम जाने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में ओपीडी ड्यूटी डॉ. दीपक तिवारी, डॉ. नेहा कटारे, डॉ. सौरभ जैन, डॉ. संतोष शुक्ला, डॉ. रिया जैन कर रही हैं। नाइट और इमरजेंसी सिर्फ चार डॉक्टर ही करते हैं, क्योंकि डॉ. कटारे की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। वहीं, दंत चिकित्सा यूनिट में डॉ. हेमंत पालिया पदस्थ हैं। बांड पर नियुक्त पांच डॉक्टरों में से दो ने काम छोड़ दिया और तीन लंबी छुट्टी पर है, जबकि इन डॉक्टरों की मदद ओपीडी में ली जाती थी। अब स्थिति यह है कि ओपीडी में सिर्फ एक डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं और उनकी मदद के लिए सीएचओ की ड्यूटी लगाई जा रही है। क्योंकि जिन डॉक्टरों की ड्यूटी नाइट में लगाई जाती है वह ओपीडी में नहीं आते हैं। जबकि ओपीडी हर दिन 300 के ऊपर निकल जाती है, जिससे एक डॉक्टर को परेशानी होती है। गर्मी में ओपीडी की संख्या 400 पर पहुंच जाएगी। इसके बाद भी इस ओर जिम्मेदार अधिकारी, जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, अस्पताल में लंबे समय से सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, एमडी, शिशुरोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ के पद खाली पड़े हुए हैं।

एक डॉक्टर खुरई में अटैच
डॉ. विक्रम कुमार आगासौद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ हैं, लेकिन वह करीब आठ माह से सिविल अस्पताल खुरई में अटैच हैं। यदि डॉ. विक्रम को खुरई से रिलीव किया जाए, तो उनकी मदद सिविल अस्पताल में ली जा सकती है, जिससे मरीजों को परेशानी नहीं होगी।

वरिष्ठ अधिकारियों को दी है जानकारी
डॉक्टरों की कमी के चलते परेशानी हो रही है और इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। चार डॉक्टर तीन पालियों में ड्यूटी कर रहे हैं।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ