25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पेड़ कटाई का विरोध, लोगों ने कहा सरकार एक पेड़ मां के नाम पर पौधे लगाकर करते हैं दिखावा, यहां काटे जा रहे पेड़

ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, कहा कटाई पर लगाई जाए तत्काल रोक, नही तो आंदोलन को होंगे मजबूर
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सागर

•

image

sachendra tiwari

•

Updated: 3 Dec 2025, 11:59 AM IST

Protest against tree felling, people said that the government is just showing off by planting a tree in the name of mother, here trees are being cut.

नायब तहसीलदार से चर्चा करता हुए

बीना. खिमलासा के करमपुर क्षेत्र में एमपीआइडीसी द्वारा बड़े स्तर पर पेड़ काटे जाने के विरोध में लोगों ने सोमवार को खुरई तहसील कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सरकार द्वारा औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित की गई भूमि पर फलदार पेड़ों की कटाई से नाराज ग्रामीणों ने किसान नेता इंदरसिंह ठाकुर के नेतृत्व में रैली निकालकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
इस दौरान ग्रामीाण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार सुरेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भूमि आवंटन प्रक्रिया की जांच, पेड़ कटाई की निष्पक्ष पड़ताल तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते हंै, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में वर्षों से सरकारी जमीन पर सैकड़ों फलदार पेड़ों से निकलने वाले फलों को बेचकर घर चलाते हैं, जिनको बिना उचित प्रक्रिया के हटाया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होगा, बल्कि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का रोजगार भी खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के एक ओर एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों के माध्यम से पौधारोपण को बढ़ावा देती है, जबकि दूसरी ओर करमपुर क्षेत्र में बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई करवाई जा रही है। यह सरकार का दोहरा रवैया उजागर होता है।

नहीं रोकी कटाई, तो करेंगे आंदोलन
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ कटाई पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और जिम्मेदार अधिकारियों व संबंधित कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी तरह की तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।