
सेमरखेड़ी उप स्वास्थ्य केन्द्र पर डला ताला
बीना. ग्रामीण क्षेत्रों में पांच से दस हजार की आबादी पर उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं, जहां सीएचओ को नियुक्त किया गया है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार मिल सके, लेकिन इनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। क्योंकि केन्द्र बंद रहते हैं या समय पर नहीं खुलते हैं।
बीना ब्लॉक में 21 उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए हैं और 17 में सीएचओ पदस्थ हैं। साथ ही चार केन्द्रों पर एएनएम कार्य संभालती हैं। यदि यह केन्द्र समय पर खुलें, तो ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज मिल सकता है, जिससे ग्रामीणों को सिविल अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नहीं जाना पड़ेगा। यहां दवाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध होती हैं, लेकिन कुछ ऐसे केन्द्र हैं, जो समय से नहीं खुलते हैं या फिर बंद रहते हैं। सेमरखेड़ी गांव में उप स्वास्थ्य केन्द्र कुछ दिनों से खुल नहीं रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। जबकि इस केन्द्र से सेमरखेड़ी सहित निबोदा, बिलाखना, कचनौदा के लोग भी निर्भर हैं, जिन्हें इलाज के लिए बीना या भी आगासौद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जाना पड़ता है। ऐसे ही दूर-दराज गांव वाले केन्द्रों की स्थिति है।
झोलाछाप डॉक्टर हैं सक्रिय
स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कार्रवाई न होने से इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। भागनढ़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं। जबकि पिछले दिनों ही मालथौन क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से एक व्यक्ति की जान जाने का मामला सामने आया था।
सेमरखेड़ी केन्द्र खुलेगा नियमित
सेमरखेड़ी उप स्वास्थ्य केन्द्र की सीएचओ पहले छुट्टी पर थीं और फिर तबादला होने से केन्द्र नहीं खुल पाया था, लेकिन अब नई पोस्टिंग होने से ग्रामीणों को परेशानी नहीं होगी। सीएचओ और एएनएम का कार्य फील्ड का भी रहता है, जिससे कई बार केन्द्र नहीं खुल पाते हैं।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ
Updated on:
28 Jun 2025 12:00 pm
Published on:
28 Jun 2025 11:59 am
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
