
Tent-like view in booking office, employees had to tie raincoats to av
बीना. कुछ वर्ष पहले जंक्शन का नाम ए श्रेणी की स्टेशन में गिना जाता था और यहां पर व्यवस्थाएं थर्ड क्लास की भी नहीं हैं। यह सब पता होने के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और इसका खामियाजा रेलकर्मियों के साथ यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद स्टेशन पर जगह-जगह से पानी टपक रहा था, क्योंकि बारिश पूर्व यहां मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। बुकिंग ऑफिस में कर्मचारी पक्का भवन होने के बाद भी बरसाती लगाकर काम करने के लिए मजबूर हैं। स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए जब भी जीएम के आने की सूचना आती है, तो कुछ न कुछ नया काम रेलवे स्टेशन पर किया जाने लगता है, लेकिन उसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है। लाखों की लागत से कराए गए कामों में प्लानिंग न होने व गुणवत्ता सही नहीं होने से इनका लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। बारिश के बाद बुकिंग ऑफिस में भी पानी टपकने लगा, इसलिए मशीनों की सुरक्षा के साथ रेलकर्मी खुद बारिश से बचाने के लिए बरसाती के नीचे बैठते हैं। यहां पर लाखों की लागत से मशीनें भी लगाई गई थी, जिसमें पानी जाने से वह खराब हो सकती हैं, जिससे टिकट, रिजर्वेशन का कार्य प्रभावित होगा। बावजूद इसके भवन मरम्मत का कार्य नहीं किया गया है।
प्लेटफॉर्म पर भी यही स्थिति
बारिश होने पर प्लेटफॉर्म पर भी जगह-जगह पानी टपकने लगता है। इसके अलावा शेड से नाली में जाने वाले पाइप टूटे होने के कारण पानी प्लेटफॉर्म पर भी बहता है, जिससे यात्रियों को खड़े होने के लिए भी सूखी जगह नहीं मिली। इसके अलावा बुकिंग ऑफिस से एफओबी पर जाने के लिए भी लोगों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में दिक्कत होती है। इन सब कमियों को रेलवे अधिकारी सही कराने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
Published on:
28 Jun 2023 09:45 pm
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