
The main accused in the famous Rati Tripathi case arrested
बीना. चोरी, लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक पंद्रह हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने में जीआरपी को सफलता हाथ लगी है। यह आरोपी चर्चित रति त्रिपाठी मामले में भी आरोपी था, जो फरार चल रहा था। जीआरपी थाना प्रभारी एमपी ठक्कर ने बताया कि 18 नवंबर 2014 को मालवा एक्सप्रेस से रति पिता महेन्द्र त्रिपाठी (29) निवासी कानपुर, नईदिल्ली से उज्जैन की यात्रा कर रही थी। 19 नवंबर की सुबह करोंदा स्टेशन के पास पटरी पर अज्ञात महिला घायल अवस्था में पड़ी होने की सूचना मिलने पर उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से सागर रेफर किया गया, लेकिन वहां पर भी हालत बिगडऩे पर उसे भोपाल इलाज के लिए भेजा गया था। लंबी जांच के बाद जीआरपी ने एक जनवरी 2015 को चंदन सिंह पिता खेत सिंह (50) निवासी ग्राम विरोरा हाल घंटाघर के पास सुभाष पुरा ललितपुर, छोटेलाल गड़रिया, गुलाब सिंह, जाहर सिंह, ओमकार उर्फ भज्जू, देव सिंह लोधी को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उन्हें ललितपुर निवासी रूपकिशोर उर्फ कक्का सोनी ट्रेन में चोरी एवं लूट की वारदात के लिए एडवांस रुपए देकर भेजता है और फिर चोरी, लूट के सामान में एक हिस्सा उसे दिया जाता है। जगत सिंह यादव की-मेन खुरई रेलवे के पास एवं कार्ड उपलब्ध कराता था। पूछताछ में बताया थिा कि आरोपी चंदन लोधी सिंह ने रति का पर्स खींचा, जिससे वह जाग गई और चिल्लाने व चंदन के बाल पकड़ लेने पर वह भाग नहीं सका, जिससे धक्का मुक्की में वह नीचे गिर गई थी। लड़की से छीनी गई सोने की चैन का एक टुकड़ा आरोपी रूपकिशोर को दिया था, जिसे जीआरपी ने गिरफ्तार किया। इसी के आधार पर फिर जगतसिंह यादव को भी गिरफ्तार किया गया था और 395, 397, 413, 414, 401, 109 धाराएं मामले में बढ़ाई गई थी।
न्यायालय ने 14 नवंबर 2022 को जाहरसिंह, ओंकार, मंगलसिंह पाल को सजा सुनाई, लेकिन चंदन सिंह सजा की भनक लगने पर फरार हो गया था, जिसपर पंद्रह हजार का इनाम घोषित किया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई में थानाप्रभारी सहित आरक्षक राकेश नरवरिया, लवकुश सिंह, मुख्त्यार सिंह, खिलान सिंह एवं डिटेक्टिव सेल से एएसआइ नरेंद्र रावत व सायबर सेल आरक्षक शैलेन्द्र चौधरी की भूमिका अहम रही।
Published on:
20 Apr 2023 08:55 pm
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