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जिसकी हुई भ्रष्टाचार में लिप्त होने की शिकायत, उसी को जांच टीम में कर दिया शामिल

मामला आगासौद रोगी कल्याण समिति की राशि खर्च करने का

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The person who complained of being involved in corruption was included in the investigation team.

फाइल फोटो

बीना. आगासौद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की रोगी कल्याण समिति से लाखों रुपए नियमविरुद्ध तरीके से खर्च करने के मामले में बीएमओ डॉ. अरविंद गौर की पूर्व में हुई लगातार शिकायतों के बाद और कमिश्नर, कलेक्टर के आदेश पर सीएमएचओ को जांच टीम बनाई है। इस टीम में एक ऐसे कर्मचारी को भी शामिल किया गया है, जिसपर भ्रष्टाचार में लिप्त होने आरोप हैं।
11 दिसंबर को सीएमएचओ ने स्मरण पत्र जारी किया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि सामाजिक कार्यकर्ता शरद पटेल निवासी आगासौद ने बीएमओ पर पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं के व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आगासौद पर चिकित्सकीय व्यवस्थाएं न होने की शिकायत की थी, जिसका जांच प्रतिवेदन आज तक प्रस्तुत नहीं हुआ है। जिसपर शिकायतकर्ता ने 19 नवंबर को प्रस्तुत किया है। जांच टीम को पांच दिवस के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा। इस जांच टीम में डॉ. जीपी आर्य डीएचओ, डॉ. अभिषेक यादव डीएचओ, सिविल अस्पताल बीना की लेखापाल नीरज राय और सहायक ग्रेड तीन कर्मचारी उपेन्द्र भदौरिया शामिल हैं। जबकि शिकायतों में उपेन्द्र भदौरिया पर भी भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप हैं। आगासौद अस्पताल में जो आरोग्य समिति गठित बीएमओ ने की है, उसमें उपेन्द्र को सदस्य बनाया है।

कार्रवाई न होने पर फिर से की गई शिकायत
कार्रवाई न होने पर गांव के समाजसेवी कीरत सेन ने फिर से मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री सहित अधिकारियों से शिकायत की है, जिसमें आगासौद रोगी कल्याण समिति की राशि से सिविल अस्पताल के लिए एसी, डीप फ्रीजर सहित अन्य सामान पर लाखों रुपए में नियम विरुद्ध खर्च करने, नियम विरुद्ध आरोग्य समिति का गठन करने आदि का उल्लेख किया गया है।