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बीना नदी पर बने डैम के पास नदी सूखी, फिर भी सिंचाई पर नहीं लगाई जा रही रोक

खुरई में कलेक्टर ने लगाई है सिंचाई पर रोक, मोटर जब्त करने की कार्रवाई भी हो गई है शुरू

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छपरेट घाट पर सूखी नदी

बीना. अच्छी बारिश होने के बाद भी नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है और छपरेट घाट पर बने डैम के पास नदी सूख चुकी है। इसके बाद भी जगह-जगह नदी से सिंचाई कार्य चल रहा है। जलस्तर घटने से गर्मियों के मौसम में शहर और रेलवे क्षेत्र में पानी की किल्लत हो सकती है। इसके लिए पानी की बर्बादी रोकना भी जरूरी है। खुरई में कलेक्टर ने सिंचाई पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिया है।
शहर में बीना नदी से पानी की सप्लाई होती है और इसके अलावा कोई दूसरा स्रोत नगर पालिका के पास नहीं है। अभी से ही नदी पर बने डैम का पानी सूखने लगा है और तेजी से जलस्तर घटता जा रहा है। इसके बाद भी नदी के दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान सिंचाई कर रहे हैं। जलस्तर घटने से गर्मियों में पानी की किल्लत हो सकती है। अभी से लोगों को पानी की बर्बादी रोकनी होगी, जिससे गर्मियों में जलसंकट की स्थिति न बने। शहर और रेलवे में हर दिन एक करोड़ लीटर से ज्यादा पानी की सप्लाई होती है, जो गर्मियों में बढ़ जाती है। डैम से नपा का इंटकवेल दूर है, जहां अभी पानी पर्याप्त है।

रेलवे में पानी की बर्बादी होती है ज्यादा
इसी नदी से रेलवे स्टेशन, कॉलोनी में पानी की सप्लाई होती है और स्टेशन पर सफाई सहित अन्य ट्रेनों में पानी भरते समय पानी की बर्बादी ज्यादा होती है। मशीनों की जगह खुले पाइप से पानी डालकर प्लेटफॉर्म, एप्रोन की सफाई की जाती है। इस पर अधिकारी भी ध्यान नहीं देते हैं।

पानी है पर्याप्त
पिछले कई वर्षों से शहर में पानी की किल्लत नहीं हुई है। अभी नदी में पानी पर्याप्त है और सिंचाई पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश नहीं आए हैं। यदि जलस्तर घटेगा, तो रोक लगाई जाएगी।
आरपी जगनेरिया, सीएमओ, बीना