
व्यावसायिक भवनों के बाहर खड़े हो रहे वाहन
बीना. शहर की मुख्य सड़कों पर बड़े-बड़े भवन बनाने की अनुमति टॉउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से दे दी जाती है, लेकिन इनमें लोगों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है और इसको लेकर अधिकारी लापरवाही बरतते हैं। नगर पालिका क्षेत्र होने के कारण यह जिम्मेदारी नपा अधिकारियों की भी बनती है।
व्यावसायिक भवनों के निर्माण में पार्किंग, शौचालय की सुविधा देना जरूरी होता है, लेकिन ऐसा होता नहीं है और इसकी अनदेखी करते हुए ही भवन तैयार कर दिया जाता है। भवन तैयार कर वहां व्यवसाय शुरू कर दिया जाता है और यहां आने वाले लोग वाहन सड़कों पर खड़े करते हैं। यदि भवन बनाते समय ही अधिकारी पार्किंग के लिए जगह बनवाने की कार्रवाई करें तो शहर में पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त हो जाती। स्टेशन रोड, खिमलासा रोड, खुरई रोड सहित शहर में सभी जगह सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग के कारण जाम की स्थिति निर्मित होती है। पुराने भवनों में तो पार्किंग व्यवस्था थी ही नहीं और नए निर्माणों में भी अधिकारी कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। मुख्य मार्गों पर बैंकों के लिए किराए पर भवन दिए गए हैं, लेकिन इनमें पार्किंग नहीं है और बेसमेंट में दुकानें खोल दी गई हैं। कुछ भवन ऐसे हैं, जिनमें दुकानें तैयार कर किराए पर दे दी गई हैं, लेकिन इनमें पार्किंग तो दूर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं हैं, जिससे यहां दुकान लेने वाले व्यापारी और ग्राहक सभी परेशान होते हैं और खाली पड़ी जगहों में गंदगी फैल रही है।
लोगों की समस्या हो सकती है हल
शहर के मुख्य चौराहा, तिराहों पर शासकीय जगह न होने से सुलभ कांप्लेक्स नहीं बन पा रहे हैं, जिससे लोग परेशान होते हैं। यह मांग लंबे समय से चली आ रही है। यदि व्यावसायिक भवनों यह सुविधा हो जाए, तो कुछ हद तक समस्या हल हो सकती है।
नक्शा के अनुसार दी जाती है अनुमति
नगर पालिका नक्शा के अनुसार अनुमति देती है और उसके अनुसार कार्य हो रहा है या नहीं इसकी जांच की जाती है। व्यावसायिक भवनों में पार्किंग और शौचालय होना जरूरी है। यह सुविधाएं न होने पर जुर्माना किया जाता है।
शिखा दीक्षित, उपयंत्री, नपा बीना
Published on:
19 Jan 2025 12:00 pm
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