
फाइल फोटो
बीना. शहर के कई गांवों की दूरी चालीस किमी तक है और यहां आग लगने की घटना होने पर नगर पालिका से दमकल भेजी जाती है, क्योंकि पंचायतों के पास आग बुझाने के कोई संसाधन नहीं हैं। समय पर दमकल न पहुंचने पर बड़ा नुकसान हो जाता है।
गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और अब आग की घटनाएं बढ़ेगी। अभी खेतों में फसल खड़ी है और इस दौरान आग लगने की घटनाएं भी सामने आती हैं। आग लगने पर लोगों को नगर पालिका की दमकल का इंतजार रहता है। यदि गांव की दूरी ज्यादा होती है, तो दमकल पहुंचने तक आग विकराल रूप धारण कर लेती है। पिछले वर्ष ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी पंचायत भानगढ़, खिमलासा, मंडीबामोरा आदि के मुख्यालय पर आग बुझाने के संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं, तो कम समय में दमकल मौके पर पहुंचकर आग बुझा सकती है। अभी शहर सहित 300 गांव नपा की दमकल गाडिय़ों पर निर्भर हैं। बड़ी आग की घटना होने पर रिफाइनरी से दमकल गाड़ी बुलानी पड़ती हैं।
पंचायतों को दिए गए हैं टैंकर
सभी पंचायतों में पानी सप्लाई के लिए टैंकर दिए गए हैं। यदि इन टैंकरों में इंजन पंप लगा दिया जाए, तो यह भी आग बुझाने के लिए सबसे अच्छा साधन होंगे, लेकिन इस ओर अधिकारी कोई पहल नहीं करते हैं। आग लगने पर यदि बिना इंजन पंप के टैंकर पहुंच भी जाते हैं, तो उससे आग नहीं बुझ पाती है।
रखेेंगे बैठक में प्रस्ताव
टैंकर पर पंप रखकर अग्निशमन यंत्र बनाया जा सकता है, लेकिन इसके संचालन के लिए बजट की परेशानी आएगी। संचालन के लिए अलग से बजट निर्धारित करने बैठक में प्रस्ताव रखकर शासन को मांग भेजी जाएगी।
अमरप्रताप ङ्क्षसह, उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत
Published on:
09 Mar 2025 11:49 am
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