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एफआइआर, चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने नहीं लगाने पड़ेंगे पुलिस थाने के चक्कर, ऑनलाइन मिलेगी सुविधा

यदि पुलिस आपकी शिकायत पर एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है या चरित्र प्रमाण पत्र बनाने में आनाकानी कर रही है तो अब इस सबके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश पुलिस

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सागर

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Madan Tiwari

Mar 17, 2025

- एमपी पुलिस का एमपी ई-कॉप एप बनेगा मददगार - नागरिक सेवाओं के साथ पुलिस के संबंध में जानकारी के साथ थानों में दर्ज एफआइआर भी देख सकेंगे

सागर. यदि पुलिस आपकी शिकायत पर एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है या चरित्र प्रमाण पत्र बनाने में आनाकानी कर रही है तो अब इस सबके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश पुलिस का एमपी-ई-कॉप एप एफआइआर दर्ज कराने से लेकर पुलिस संबंधी सभी कार्यों में आपकी मदद करेगा। सभी प्रकार की एफआइआर और आवेदन एप के माध्यम से ऑनलाइन कर सकेंगे, जो विभाग के पोर्टल के माध्यम से सीधे संबंधित थाना पहुंचेंगी और पुलिस को उन पर संज्ञान लेकर आगे की कार्रवाई करनी पड़ेगी।

- इसलिए उपयोगी है यह एप

आमतौर पर यह देखने में आता है कि पुलिस प्रभावशाली लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं करती। इसके अलावा साइबर फ्रॉड, चोरी, गुमशुदगी सहित ऐसे मामले जिनमें मेहनत हो उनमें पुलिस टालमटोल करती है, लेकिन एप की मदद से यह शिकायतें ऑनलाइन की जा सकेंगीं। इसके साथ चरित्र प्रमाणपत्र आदि के लिए भी पुलिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

- ऐसे करें उपयोग

पुलिस का यह एमपी-ई-कॉप एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड कर मोबाइल में इंस्टॉल करने के बाद आप इसका उपयोग कर सकते हैं। उपयोग करने के लिए आपको अपना नाम और मोबाइल नंबर डालना होगा। इसके बाद एक ओटीपी आएगी और उसे सब्मिट करते ही एप काम करना शुरू कर देगा। इस एप से आमजन के लिए 30 प्रकार की सेवाएं दी गई हैं।

- यह सेवाएं एप पर उपलब्ध

ई-एफआइआर, चरित्र प्रमाणपत्र, खोई हुई संपत्ति, पुलिस के लिए सूचना, किरायेदार आवेदन, घरेलू-व्यवसायिक, गुमशुदा व्यक्ति, शिकायत, लाउड स्पीकर की शिकायत, खुले में मांस/मछली, आपतकालीन मदद, गिरफ्तार व्यक्ति, अज्ञात शव, चोरी व लूटे गए वाहन, जब्त वाहन, एफआइआर देखें, मोबाइल ब्लॉकिंग, संचार साथी।

- यह भी सर्च कर सकेंगे

मध्यप्रदेश पुलिस, भारत में चोरी हुए वाहन, मध्यप्रदेश ई-परिवहन, सिटीजन पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर, टेलीफोन डायरेक्टरी, सफलता की कहानियां, टेंडर, तलाश, खोया सामान खोजें, अतिथि और पुलिस के बारे में।

- इन मामलों में दर्ज नहीं हुई थी एफआइआर

- केस-1

कुछ माह पहले एक युवक ने फर्जी युवती को न्यायालय में पत्नी बताकर तलाक ले लिया था। इस बात को लेकर पत्नी कोतवाली थाना में शिकायत करने पहुंची तो एफआइआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उसने आइजी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर पुलिस ने मामला संज्ञान में लिया।

- केस-2

शहर के तिली क्षेत्र में युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। पिछले 15 दिन में गोपालगंज थाना पुलिस से 8 से ज्यादा युवक-युवतियां ठगी की शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन पुलिस ने किसी की भी शिकायत पर अब तक एफआइआर दर्ज नहीं की है। पुलिस जांच के नाम पर टालमटोल कर रही है।

- फैक्ट फाइल

32 पुलिस थाना जिले में

02 थाने महिला व अजाक

30 पुलिस चौकी जिले में

07 अनुभाग जिले में

12 हजार केस हर साल हो रहे दर्ज

- एप बहुत उपयोगी है

एमपी-ई-कॉप एप बहुत ही उपयोगी है, लोग इसका उपयोग कर ऑनलाइन एफआइआर दर्ज कराने के साथ पुलिस से संबंधित आवेदन भी कर सकते हैं।

विकास कुमार शाहवाल, पुलिस अधीक्षक, सागर