
रोडवेज बस
सहारनपुर. परिवहन निगम के सहारनपुर बेड़े में शामिल 129 बसें लॉक डाउन में खड़े-खड़े ही कबाड़ हो गई। इन बसों की उम्र 10 वर्ष से अधिक हो चुकी है। ऐसे में अब यह बसें सड़कों पर नहीं दौड़ सकेंगी।
वर्तमान मानकों के अनुसार परिवहन निगम ने इन सभी बसों को सड़कों पर दौड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इतनी बड़ी संख्या में बसों के कबाड़ हो जाने के बाद अब परिवहन विभाग के अफसरों ने मुख्यालय को नई बसें भेजने का प्रस्ताव दिया है।
कबाड़ हुई बसों की संख्या काफी अधिक होने की वजह से एक साथ 129 बसें बेड़े से हटा दी गई तो यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में निगम ने पहले 85 बसों को सड़कों से उतारने की योजना बनाई है। दरअसल दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के प्रवेश पर रोक लगी है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ऐसी सभी बसों को दिल्ली बॉर्डर पर हो का जा रहा है जिनकी उम्र 10 वर्ष से अधिक है।
इस परेशानी से बचने के लिए परिवहन निगम ने प्रदेश के सभी रीजन को गाइडलाइन जारी कर दी है। जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि, उनके पास जितनी भी 10 वर्ष से पुरानी डीजल की बसें हैं उनकी की सूची तैयार की जाए। इसी क्रम में सहारनपुर में भी सूची तैयार की गई है सहारनपुर में 129 बसे हैं जिन्हें अब लखनऊ भेजो जाएगा। परिवहन निगम के सहारनपुर रीजन ने मुख्यालय से मांग की है कि जितनी बसें सड़कों से हटाई जा रही हैं उनके एवज में इतनी ही बस भिजवाई जाए।
सहारनपुर रीजन की बात की जाए तो यहां पर कुल 468 बसे हैं। इनमें से 129 बसें पुरानी हो चुकी हैं जो सड़क पर नहीं चल सकती ऐसे में इनके पास 339 बस रह जाएंगी। 200 बस अनुबंधित हैं तरह कुल मिलाकर आप 539 बस सहारनपुर रीजन में रह जाएंगे ऐसा ही हाल शामली मुजफ्फरनगर मेरठ मुरादाबाद और प्रदेश के अन्य रीजन में भी होगा।
यह भी पढ़ें: अवध केसरी सेना प्रमुख समेत आठ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
Published on:
31 Dec 2021 11:33 pm
बड़ी खबरें
View Allसहारनपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
