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देवबन्द: माहौल खराब करने की कोशिश में जुटे असामाजिक तत्व अब देवबंद दारुल उलूम ( deoband darul ullom ) जैसे पवित्र संस्थान के नाम का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। असामाजिक तत्वों की इस विकृत मानसिकता का खुलासा हाल ही में सोशल मीडिया पर देवबंद दारुल उलूम के नाम से एक फर्जी फतवे को वायरल करने से हुआ है।
दरअसल पिछले कुछ दिनों से एक कथित फतवा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें गैर जिम्मेदार और आपत्तिजनक बातें भी लिखी गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फतवे को देवबंद दारुल उलूम का फतवा बताया जा रहा है। जब इसकी पड़ताल की गई तो देवबंद दारूल उलूम ने इस फतवे को फर्जी करार दिया। फतवा विभाग के जिम्मेदार असरफ उस्मानी का कहना है कि जिस नाम से यह फतवा जारी हुआ है उस नाम का कोई भी उस्ताद देवबंद दारुल उलूम में नहीं है। यानी साफ है कि, देवबंद दारूल उलूम के फतवा विभाग ने भी इस फतवे को किसी शरारती व्यक्ति की शरारत करार दिया है।
जानिए क्या है पूरा
मामला दरअसल 29 फरवरी को एक मौलाना ( Deoband Ulema )
ने अपने फेसबुक पोस्ट में एक कथित फतवे को शेयर किया और बताया कि यह फतवा देवबंद दारुल उलूम से जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से यह फतवा वायरल होने लगा लेकिन अब जब इसकी पड़ताल की गई तो देवबंद दारुल उलूम ने इसे सिरे से खारिज करते हुए शरारती तत्वों की शरारत करार दिया है।
Published on:
02 Mar 2020 10:17 am
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