
स्वाइन फ्लू
सहारनपुर। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग में अलर्ट जारी हो गया है। सहारनपुर जिला अस्पताल में 6 बेड का एक वार्ड रिज़र्व कर दिया गया है। यह अलग बात है कि अभी तक सहारनपुर में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन मेरठ में स्वाइन फ्लू के मामले ( swine flu Positive ) आने के बाद सहारनपुर ( Saharanpur ) में सतर्कता कर दी गई है।
वेस्ट यूपी में स्वाइन फ्लू ( swine flu ) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ( helth dipartment ) अलर्ट मोड पर है। सहारनपुर जिला अस्पताल में कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है। इसके साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। सहारनपुर जिला चिकित्सा अधिकारी बीएस सोढी ने बताया है कि सभी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्वाइन फ्लू को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। डॉक्टरों को निर्देशित किया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण किसी भी रोगी में दिखाई देते हैं तो तुरंत उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के लिए रेफर किया जाए।
जानिए क्या है स्वाइन फ्लू ( Swine flu news )
अगर आप अभी तक स्वाइन फ्लू के बारे में नहीं जान पाए हैं तो जान लीजिए कि स्वाइन फ्लू h1, n1 वायरस है। यह एक जूनोटिक शूकर इन्फ्लूएंजा विषाणु है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलता है। इसलिए जरूरी है कि यदि किसी एक व्यक्ति को स्वाइन फ्लू हो जाता है तो उसे सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्तियों में ना फैले।
जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू होने पर व्यक्ति को सामान्य रूप से जुकाम होता है और 100 डिग्री तक बुखार भी रहता है। सिर में तेज दर्द होना और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना भी स्वाइन फ्लू का ही एक लक्षण है। स्वाइन फ्लू होने पर भूख कम लगने लगती है और नाक से पानी भी बहने लगता है। गले में जलन उल्टी और डायरिया भी स्वाइन फ्लू का ही एक लक्षण है। गले में खराश मांसपेशियों में दर्द, पेट खराब होना यह भी स्वाइन फ्लू के ही लक्षण हैं।
यह बरतनी हाेंगी सावधानियां
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आपको कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी होंगी। छींकते समय मुंह पर हाथ या कपड़ा रखकर ही छींकना है। हाथों को साबुन से अच्छी तरह धाेना आवश्यक है। घर के दरवाजे एटीएम कंप्यूटर कीबोर्ड और ऐसे उपकरण जिन्हें दूसरे लोगों ने भी छुआ है उनको छूने के बाद हाथ होना आवश्यक है। स्वाइन फ्लू से बचने के लिए गले को सूखने नहीं देना है। पानी पीते रहना है।
इन लोगों को रहती है स्वाइन फ्लू होने की अधिक आशंका
यह जानना भी जरूरी है कि स्वाइन फ्लू सांस रोगियों के लिए, मधुमेह के रोगियों के लिए, हार्ट पेशेंट के लिए और ऐसे लोगों के लिए ज्यादा हानिकारक है जो न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित हैं। गर्भवती महिलाओं और 5 साल से कम आयु के बच्चों के लिए भी स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहता है।
Published on:
01 Mar 2020 09:20 am
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