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2022 का चुनाव लड़ेगी भीम आर्मी, 15 मार्च को चन्द्र शेखर कर सकते हैं पार्टी के नाम की घोषणा

Highlights भीम आर्मी भी अब राजनीतिक पार्टी बनेगी और 2022 के चुनाव में कूदेगी

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भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर (फाइल फोटो)

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर (फाइल फोटो)

सहारनपुर। भीम आर्मी भारत एकता मिशन का भी राजनीतिकरण हो जाएगा, इसकी घोषणा भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर ने कर दी है।

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लखनऊ के घंटा घर पर सीएएए के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सहारनपुर के रहने वाले भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने भीम आर्मी को राजनीतिक पार्टी बनाने की बात कही है। बता दें कि इससे पहले भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर यह भी कह चुके हैं कि उनका संगठन पूर्ण रूप से गैर राजनीतिक संगठन है और वह भविष्य में कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे लेकिन अब चंद्रशेखर ने घोषणा कर दी है कि भीम आर्मी भी 2022 के चुनाव में कूदेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अप्रैल को भीम आर्मी की घोषणा राजनीतिक पार्टी के रूप में कर दी जाएगी।

जानिए कैसे हुई भीम आर्मी भारत एकता मिशन की शुरुआत

भीम आर्मी भारत एकता मिशन की शुरुआत सहारनपुर में वर्ष 2015 में हुई थी। फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव छुटमलपुर के रहने वाले एडवोकेट चंद्रशेखर ने जुलाई 2015 में भीम आर्मी भारत एकता मिशन का गठन किया था। उस समय यह संगठन दलित समाज के बच्चों को पढ़ाने के लिए शुरू किया गया था। इसीलिए इसका नाम भीम आर्मी भारत एकता मिशन रखा गया था। वर्ष 2016 में जब घड़कौली प्रकरण हुआ और वहां गांव के बाहर द ग्रेट चमार लिखने को लेकर ठाकुर और दलित बिरादरी के बीच विवाद गहराया तो पहली बार भीम आर्मी संगठन सामने आया।

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यहीं से भीम आर्मी का प्रचार और विस्तार हुआ। घड़कौली प्रकरण के बाद तेजी से युवाओं ने भीम आर्मी ज्वाइन की। उस समय भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा कि भीम आर्मी का मकसद दलितों की सुरक्षा करना और उनका हक उन्हें दिलवाना है। इस नारे ने दलित समाज के युवाओं को प्रभावित किया और तेजी से भीम आर्मी सहारनपुर से पूरे देश में फैल गई। 5 मई को बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर में दलित और राजपूत बिरादरी के बीच हिंसा भड़क गई। इस जातीय हिंसा की आग में सहारनपुर जल उठा और रामनगर में वाहन फूंक दिए गए उस समय शब्बीरपुर में भी दलितों के कई घर जल गए थे।

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इस घटना के बाद सहारनपुर पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए और पुलिस की इस कार्यवाही में भीम आर्मी को पूरे देश में सुर्खियां दिला दी। अब भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर भी caa के विरोध में खड़े हैं और देशभर में भीम आर्मी अपनी जड़ें जमा चुकी है। 15 मार्च को अब भीम आर्मी की घोषणा राजनीतिक पार्टी के रूप में की जाएगी।