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यूपी डायल 100 की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं सीएम योगी

सहारनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने यूपी 100 टीम की गतिविधियाें पर नजर रखने के दिए आदेश

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CM YOGI ADITYNATH

CM YOGI ADITYNATH

सहारनपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ प्रदेश पुलिस की यूपी 100 विंग की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। सहारनपुर पहुंचे याेगी आदित्यनाथ ने साफ कह दिया कि यूपी 100 की कार्यप्रणाली में अमूल-चूल परिवर्तन की जरूरत है। उन्हाेंने यहा पुलिस अफसराें काे निर्देश भी दिए कि यूपी 100 पुलिस टीम की गतिविधियाें पर पैनी नजर रखी जाए। बाेले कि महिलाओं व बहन-बेटी की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसलिए महिला संबंधी अपराधाें में निपष्क्ष आैर त्वरित कार्रवाई हाेनी चाहिए।

मुख्यमंत्री यहां सर्किट हाऊस में मंडलीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दाैरान उन्हाेंने मुख्यरूप से पुलिस महकमें के पेच टाईट किए आैर अफसराें से कहा कि प्रदेश काे अपराध मुक्त करने के लिए जरूरी है कि बड़े मगरमच्छों के विरूद्ध ऐसी कार्रवाई की जाए कि वे जिला ही छाेड़ दें। एंटी भू माफिया दलों को और अधिक सक्रिय किया जाये और किसी भी गरीब, दलित, वंचित और आवासहीन को बेघर ना किया जाये। मुख्यमंत्री बाेले कि संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवसों पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित निस्तारण होना बेहद जरूर है। प्रयास किया जाए कि उसी दिन माैके पह ही समस्या का समाधान करा दिया जाए। याेगी ने कहा कि हर स्तर का पुलिस अधिकारी प्रतिदिन 45 से 60 मिनट तक पेट्रोलिंग करेंगे। जिससे अपराधियों के बीच यह संदेश जा सके कि यूपी पुलिस अब जागी हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां सर्किट हाउस में मण्डलीय विकास कार्यों तथा कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यह निर्देश अफसराें काे दिए। उन्हाेंने कहा कि मण्डल की कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है और पुलिस की कार्य प्रणाली से जनता में विश्वास जगा है लेकिन अभी काफी काम करना बाकी है आैर पुलिस काे चाहिए कि ‘किसी निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं, किसी दोषी को छोड़ेंगे नही। बिना किसी भेदभाव के कानून का सख्ती से पालन कराना पुलिस का दायित्व है आैर इस दायित्व का निवर्हन नहं करने वाले पुलिसकर्मियाें आैर अफसराें काे बख्शा नही जाएगा। पिछली सरकारों की बिगड़ी हुई व्यवस्था को सुधारना एक बड़ी चुनौती है। व्यवस्था को सुधारने के लिए अफसराें आैर अधिकारियाें काे और अधिक मेहनत से काम करना पड़ेगा।

शामली के पुलिस अफसराें काे दी बधाई

मंडलीय समीक्षा के दाैरान याेगी आदित्यनाथ ने शामली पुलिस काे बधाई दी। साथ ही निर्देश दिए कि सहारनपुर जनपद में जातीय हिंसा को सख्ती से रोका जाए, ऐसी घटनाओं के पीछे माफियाआें का हाथ है जिनके धंधे बंद हुए हैं। ऐसे माफियाओं को चिन्हित किया जाये जो अपने स्वार्थ के लिए हिंसा और अपराधों के लिए धन की फडिंग करते हैं। पुलिस को अपनी छवि व कार्य पद्धति में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता है।उन्हाेंने अफसराें से यह भी कहा कि उन्हें बेहतर कानून व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों से भी समन्वय स्थापित करना हाेगा। कानून का राज कायम करने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर भी काम करने की आवश्यकता है। अधिकारी जनप्रतिनिधियों को समुचित सम्मान दें और जनता को शोषण से मुक्त करने के लिए यूपी-डायल-100 में अमूल चूल परिवर्तन के साथ ही इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाए। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी स्तर पर प्रदेश की जनता का शोषण नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में विकास के लिए महानगरों समेत दूसरे छाेटे नगरों की यातायात व्यवस्था को भी सुधारने की आवश्यकता है। बाेले कि एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में प्रति वर्ष 12 से 15 हजार मौत सड़क दुर्घटना में हो जाती हैं। इसके लिए ट्रेफिक नियमों का सख्ती से पालन किया जाना सुनिशिचत कराया जाए। सड़कों पर अवैध रूप से ठेला व खोमचा लगाने वालों को चिन्हित कर उन्हे मार्गों से हटाने की दिशा में कार्रवाई की जाए। बाजारों के अतिक्रमण को रोकने के लिए व्यापार मण्डलों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही की जाए। सीएम बाेले कि एंटी भू माफिया दल के माध्यम से किसी गरीब, दलित, वंचित व आवासहीन को ना उजाड़ा जाए। बड़े भू माफियाओं के विरूद्ध कार्यवाही की जाये, चाहे वो कितनी ऊंची पहुंच का क्यों रखते हाें। स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से गौशालाओं का निर्माण कराने की आवश्यकता है। कतिपय लोग दूधारू पशु के बूढ़ा हो जाने पर सड़क पर छोड़ देते हैं जो चिंता का विषय है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध भी कानून के दायरें में कार्यवाही की जायें। थाना समाधान दिवस व संपूर्ण समाधान दिवस को अधिकारी निरंतर प्रभावी माॅनिटरिंग करें। लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित करें, ताकि उनके विरूद्ध कार्यवाही की जा सके। गम्भीर प्रवृत्ति के प्रकरणों में अधिकतम तीन दिन के भीतर समस्याओं का निस्तारण कराया जाए। मुख्यमंत्री बाेले कि सरकार की प्राथमिकता कानून व्यवस्था काे सुधारना है। आम आदमी की शिकातयों का निस्तारण उसके अपने जनपद व तहसील में हो जायें। इसके लिए अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव ले आए।

लाेक निर्माण विभाग के अफसराें की ली जमकर क्लास

विकास कार्यों की समीक्षा के सीएम ने काॅवड़ यात्रा मार्ग के निर्माण में घटिया सामग्री लगाये जाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निर्देश दिये कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी बर्दाशत नहीं की जाएगी। जो सड़क बनेंगी वो पांच वर्ष तक खराब होने पर उसी विभाग के द्वारा मरम्मत की जाएगी। अधिकारी जनता को एहसास कराएं कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। उन्होंने पावर कारपाेरेशन के प्रबन्ध निदेशक को निर्देश दिये कि वे शासन की मंशा के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिशिचत करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाशत नहीं होगी। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास, गंगा संरक्षण राज्य मंत्री डाॅ. संजीव बालियान, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना विकास एवं औद्योगिक राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेश राणा, ग्राम्य विकास मंत्री महेन्द्र सिंह, आयुष मंत्री डाॅ. धर्म सिंह सैनी, सांसद राघव लखन पाल, विधायक प्रदीप चैधरी, कुंवर ब्रजेश सिंह, देवेन्द्र निम, एमएलसी हेम सिंह पुण्डीर सहित जनप्रतिनिधिगण अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील एमुनअल जिलाधिकारी सहारनपुर प्रमोद कुमार पाण्डेय, मुजफ्फरनगर जीएस प्रियदर्शी, शामली इन्द्र विक्रम सिंह, एसएसपी सहारनपुर बबलू कुमार, मुजफ्फरनगर अनंद देव, शामली के एसपी अजय पाल शर्मा समेत सभी मुख्य विकास अधिकारियों के अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।