
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Photo: IANS/Qamar Sibtain)
"आज फिर डीजल और पेट्रोल के दामों में वृद्धि हो गई है। देश के अंदर जो आर्थिक भूचाल आया हुआ है, उससे निपटने के लिए सरकार गंभीर नहीं है। सरकार नित नए शगूफे छोड़कर नफरत की बुनियाद पर ध्यान बांटना चाहती है। नॉर्थ ईस्ट में चाहे बंगाल हो या असम, वहां के तमाम मुस्लिम संगठनों ने अपील कर दी है कि हम किसी कीमत पर गाय की कुर्बानी नहीं करेंगे। हम बार-बार मांग करते हैं कि गाय केवल पशु नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है।
आप गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो, लेकिन सरकार इन विषयों को लेकर गंभीर नहीं है। देश में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का काम इसलिए किया जा रहा है ताकि आर्थिक भूचाल से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। देश में जो माहौल है, वह यह इंगित कर रहा है कि एक छोटा सा आंदोलन शुरू होता है और 22 करोड़ लोग उससे जुड़ जाते हैं। यह लोगों के आक्रोश को प्रदर्शित कर रहा है।" कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोमवार को अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
मसूद ने परीक्षा पर्चा लीक के मामलों को भी उठाया और कहा कि एक के बाद एक परीक्षाओं के पेपर लीक होना कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है। उनका आरोप था कि सरकार नहीं चाहती कि वंचित तबके के बच्चे, खासकर दलित और पिछड़े वर्ग के युवा, सरकारी नौकरियों में आ सकें।
हाल ही में कैराना सांसद इकरा हसन पर सहारनपुर के सदर थाने में धरने के बाद दर्ज हुई FIR का जिक्र करते हुए मसूद ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि जब जनता की पीड़ा लेकर आवाज उठाते हैं, तो उन पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश की जाती है। यह लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना जनप्रतिनिधियों का संवैधानिक दायित्व है और उसे निभाने से कोई नहीं रोक सकता।
मसूद ने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने स्वेच्छा से गाय की कुर्बानी न करने की अपील की है, जो आपसी सम्मान और सहिष्णुता की मिसाल है। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि गाय करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, तो सरकार उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गाय के नाम पर अल्पसंख्यकों को सड़क पर रोककर पीटना और उन पर झूठे मुकदमे थोपना पूरी तरह अस्वीकार्य है। कांग्रेस ऐसे किसी भी अत्याचार के खिलाफ हर पीड़ित के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिकी दबाव में अपने पुराने मित्र देशों से दूरी बना ली, जिसका खामियाजा आम जनता महंगे ईंधन के रूप में भुगत रही है। सस्ते तेल के विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद सरकार उनका लाभ नहीं उठा रही।
इमरान मसूद ने भावुक होते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी जीत के पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं का अथक परिश्रम था। अब वक्त आ गया है कि वे उस ऋण को चुकाएं। उन्होंने वादा किया कि अपने सांसद कोष और व्यक्तिगत प्रयासों से कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता की भलाई के लिए हर संभव काम करेंगे। राहुल गांधी को देश का सबसे निर्भीक नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
Updated on:
25 May 2026 05:24 pm
Published on:
25 May 2026 05:21 pm
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