2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रमजान में दारूल उलूम ने जारी किया फतवा, मस्जिद में इन्हें नहीं है तरावीह की नमाज पढ़ने की इजाजत

-पाकिस्तान के युवक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जारी किया फतवा -दारुल उलूम का ये फतवा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

2 min read
Google source verification
namaz

दारूल उलूम ने जारी किया फतवा, मस्जिद में तरावीह की नमाज पढ़ने की इन्हें नहीं है इजाजत

देवबंद/सहारनपुर। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम ने एक और फतवा जारी किया है। जिसमें औरतों के रमजान माह की विशेष नमाज तरावीह की जमात करने और मस्जिद में तरावीह की नमाज पढने को गलत करार दिया गया है। इस बाबत मुफ्तियों ने तर्क दिया कि फर्ज नमाज के लिए औरतों को मस्जिद में जाने की इजाजत नहीं तो तरावीह के लिए उन्हें कैसे इजाजत हो सकती है। दारुल उलूम के इस फतवे का समर्थन उलेमा भी कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : EVM पर आजम खान का बड़ा बयान, बोले- 3 लाख वोटों से मैं नहीं जीता तो पूरे देश में...

दरअसल, पाकिस्तान से एक व्यक्ति ने दारुल उलूम के मुफ्तियों से लिखित में सवाल किया था कि विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग तरीकों से औरतों की तरावीह की नमाज हो रही है। एक स्थान पर हाफिज को इमाम बनाकर औरतें नमाज-ए-तरावीह पढ़ रही हैं, जबकि दूसरी तरफ नाबालिग (कम उम्र) के बच्चे को इमाम बनाकर तरावीह अदा की जा रही है। साथ ही कुछ एक स्थानों पर मस्जिदों में औरतों के लिए तरावीह का इंतजाम हो रहा है। इतना ही नहीं कई जगह ऐसी हैं जहां घर के अंदर हाफिज साहब तरावीह पढ़ा रहे हैं, जिनके पीछे मर्द नमाज अदा कर रहे हैं, जबकि उसी घर के दूसरे कमरे में पर्दे के साथ महिलाएं तरावीह पढ़ रही हैं।

यह भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान पत्रकार भी नहीं कर सकेंगे ये काम, निर्देश हुए जारी

पूछा गया कि इनमें से किस तरीके से महिलाओं का तरावीह की नमाज पढना सही है। सवालों के जवाब में मुफ्तियों ने कहा कि महिलाओं को तरावीह की नमाज घर के भीतर एकांत में अदा करनी चाहिए, क्योंकि महिलाओं को फर्ज नमाजों के लिए भी मस्जिदों में जाने की इजाजत नहीं है। नाबालिग की इमामत दुरुस्त नहीं और न ही उसके पीछे नमाज होगी। इसके अलावा औरतों की तरावीह की नमाज अदा करने को पूछे गए सभी तरीके बिल्कुल मना है। सिर्फ घर के भीतर एकांत में तरावीह की नमाज अदा करने की इजाजत है। दारुल उलूम से जारी फतवा सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल किया जा रहा है।