5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO: देवबंदी उलेमा ने कहा- हिंदू धर्म भी नहीं जानती साध्वी प्राची, बताया बेलगाम औरत

साध्वी प्राची के बयान पर आग-बबूला हुए देवबंदी उलेमा उलेमा ने साध्वी को बताया बेलगाम औरत कहा- देश मे आग लगाकर हिन्दुस्तान का बंटवारा चाहती है

2 min read
Google source verification
saharanpur

VIDEO: देवबंदी उलेमा ने कहा- नहीं जानती हिंदू धर्म भी साध्वी प्राची, बताया बेलगाम औरत

सहारनपुर/ देवबंद। तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां ने हाल ने लोकसभा चुनाव के बाद हिंदू बिजनेस मैन निखिल जैन से शादी की। जिसके बाद से ही वह काफी चर्चा में है। खास तौर से उनके हिंदू वेश-भूषा को लेकर। संसद में भी पहले दिन वह हिंदू परिधान साड़ी, बिंदी और सिंदूर लगए पहुंची। लेकिन उनके इस पहनाए पर देवबंद उलेमा ने आपत्ति जताई और इसे ***** करार दिया। लेकिन उलेमा के इस बयान पर साध्वी प्राची ने आपत्ती जताई। जिसके बाद एक बार फिर देवबंदी उलेमा साध्वी प्राची के बयान पर भड़क गए और उन्हें बेलगाम औरते बताते हुए देश का बंटवारा चाहने वाली बता डाला।

दरअसल साध्वी प्राची ने शामली मे एक विवादित बयान दिया है, जिसमे देवबंदी उलेमाओं पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि उलेमा तीन तलाक पर फतवे देने बंद करे। इस दौरान नुसरत जहां के मामले पर कहा कि लव जेहाद के नाम पर हिंदू लडकियों को बुर्का पहनाये तो जायज है मुस्लिम कोई सिन्दूर लगाये, मंगल सूत्र पहने तो नाजायज। साध्वी प्राची ने तो देवबंदी उलेमाओं को सुधरने की हिदायत दे दी। उनके इस बयान पर देवबंदी उलेमा भी आग बबूला हो गए और कहा कि साध्वी प्राची जैसी बेलगाम औरते ही देश मे आग लगाकर हिन्दुस्तान का बंटवारा चाहती है।

देवबन्दी आलीम ने कहा कि साध्वी प्राची हो या इस तरह दूसरे नेता हो वे बेलगाम हैं। हिंदुस्तान में बेलगाम लोगों ने यह हालात पैदा कर दिए हैं कि अपनी बदजुबान से देश का बंटवारा करना चाहते हैं। देश में आग लगाना चाहते हैं। वह नहीं जानते कि हिंदुस्तान के अंदर उलेमाओं की क्या तारीख है हिंदुस्तान के उलेमाओं की तारीख को पढे। उसको मालूम हो कि हिंदुस्तान के काबिल उलेमा इकराम कौन हैं और साध्वी जैसी बेलगाम औरतें ही हिंदुस्तान में बंटवारा चाहती हैं और देश में आग लगाने कोशिश करती हैं। उन्हें शरियत और कानून के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वह हिंदू धर्म को भी नहीं जानती हैं और ना इस्लाम धर्म को जानती हैं। उन्हें किसी के धर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शरियत जो कहेगी हम उसी को फॉलो करेंगे और उसके अलावा किसी दूसरी चीज को मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। हमारे लिए काबिले कबूल वही है जो कुरान कहता है।