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अजब-गजब: जज बन बैठा सीजेएम कोर्ट का बाबू ! 535 से अधिक मामलों में कर दी हेराफेरी, FIR दर्ज

सहारनपुर सीजीएम कोर्ट का बाबू फरार है। इसके खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में दो मुकदमें दर्ज हुए हैं। आरोप है कि बाबू खुद को जज समझ बैठा और 535 मामलों में रिपोर्ट लगा दी। अब पुलिस इसकी तलाश कर रही है।

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दरअसल सहारनपुर जिला जज को सूचना मिली थी कि सीजेएम कोर्ट का बाबू पत्रवालियों में खेल कर रहा है। कानून की आंखो में धूंल झोंककर पत्रावलियों में हेराफेरी की जा रही है। इन आरोपों के आधार पर जांच कराई गई तो सहारनपुर आरपीएफ थानें से आई सैकड़ों पत्रवालियों में हेराफेरी उजागर हो गई। इस प्राथमिक जांच रिपोर्ट को देखकर खुद जिला जज भी हैरान रह गई। जिला जज ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जिला जज के निर्देश पर प्रशासनिक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक ने आरोपी सीजेएम कोर्ट के क्लर्क यानी बाबू के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी बाबू रोहताश सिंह फरार है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ये हैं पूरा मामला
प्रशासनिक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक मधुकर शर्मा की ओर से जो FIR दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया गया कि सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला जज बबीता रानी को शिकायत करते हुए बताया था कि, सीजेएम कोर्ट का लिपिक रोहताश वाहनों के चालान संबंधी पत्रावलियों में गड़बड़ी कर रहा है। ये भी बताया कि RPF थाने की रखी 535 फाइलों के निस्तारण में गड़बड़ी है। इन दस्तावेजों को अदालत के दस्तावेजाें में दर्न नहीं किया जा रहा है। इसी तरह संभागीय परिवहन निगम की ओर से जो चालान किए गए हैं उन्हे भी अदालत की पत्रावलियों में नहीं शामिल किया जा रहा है। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिला जज बबीता रानी ने दो न्यायाधीश के पैनल से पूरे मामले की जांच कराई। जब दोनों न्यायाधीश आरपीएफ थाने गए तो वहां 535 पत्रवाली रखी हुई मिली। इनकों कब्जे में ले लिया गया। यह मामला खुलने पर रोहताश सिंह के खिलाफ दो FIR दर्ज कराई गई हैं। एक मामला आरपीएफ थाने से हुई बरामदगी से जुड़ा है दूसरा संभागीय परिवहन विभाग की ओर से काटे गए चालानों से जुड़ा है।