
प्रतीकात्मक फोटो
( Headphone ) बच्चे कान के कच्चे हो रहे हैं! ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि सरकार ने इस पर चिंता जताई है। प्रमुख सचिव चिकित्सा की ओर से यूपी के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर एडवाइजरी जारी की गई है। जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अभियान चलाकर बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग और तेज आवाज में हैडफोन का इस्तेमाल करने से रोका जाए। इससे बच्चों की सुनने की शक्ति कम हो रही है। अगर बहुत आवश्यकता हो तो 50 डेसिमल तक वॉल्यूम पर ही हैडफोन का इस्तेमाल किया जाए।
सहारनपुर जिलाधिकारी ( Saharanpur Dm ) मनीष बंसल ने बताया कि ईयर फोन व हेड फोन के इस्तेमाल से होने वाली दिक्कतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से यह एडवाइजरी जारी की गई है। कहा गया है कि, ईयर फोन या ईयर प्लग ( Buds ) के लंबे समय तक उपयोग करने से सुनने की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रमुख सचिव ने पत्र के माध्यम से कहा कि बेवजह ब्लूटूथ या ईयरफोन या हेड फोन का उपयोग करने वालों को जागरूक करने की आवश्यकता है। घंटों ईयरफोन लगाए रखने से अस्थाई रूप से सुनने की क्षमता भी खत्म हो रही है। हर समय ब्लूटूथ लगाकर रखने से पहले धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम होती है और फिर यह क्रम बढ़ता जाता है। एक स्टेज ऐसी पहुंच जाती हैं जब कानों से कम सुनाई देने लगता है।
प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर आवश्यकता है तो अधिकतम 50 डेसिबल वॉल्यूम पर ही ईयर फोन और हेड फोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। रोजाना दो घंटे से अधिक इयर फोन का इस्तेमाल नुकसानदायक है। इसलिए बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग और तेज आवाज में हेड फोन का इस्तेमाल करने से रोकने की आवश्यकता है। एक बार जब श्रवण क्षमता स्थायी रूप से खराब हो जाती है तो सामान्य श्रवण क्षमता कभी भी श्रवण यंत्र या कॉकेलर इम्प्लान्ट से भी बहाल नहीं की जा सकती। इसलिए इनका उपयोग आवश्यकतानुसार और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
सहारनपुर जिलाधिकारी का कहना है कि प्रमुख सचिव की ओर से जो पत्र आया है वह महत्वपूर्ण विषय है। पत्र में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अभियान चलाकर अभिभावकों और बच्चों के जागरूक किया जाएगा।
Updated on:
13 Jul 2024 02:52 am
Published on:
09 Jul 2024 05:49 pm
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