
सहारनपुर। तीन तलाक के खिलाफ कानून को लेकर पूरे देश में माहौल गरम है। ऐसे में सहारनपुर में भी तीन तलाक कानून के विरोध में इस्लामिक विद्वान मुखर हो गए हैं। रविवार को शहर के बीचोबीच एक बड़ा कार्यक्रम रखा गया है। इसमें मुस्लिम समाज की महिलाएं भी हिस्सा लेंगी और बड़ी संख्या में यहां मुस्लिम पुरुष भी मौजूद रहेंगे। देवबंद के आलिम भी तीन तलाक के विरोध में बन रहे कानून से सहमत नहीं हैं। उनका यह कहना है कि तीन तलाक उनका धार्मिक मामला है। इस मामले में सरकार काे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसी को लेकर सहारनपुर में यह प्रोग्राम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें इस्लामिक विद्वान यह बताने की कोशिश करेंगे कि आखिर वह तीन तलाक को जायज क्यों मानते हैं और तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने से उन्हें क्या आपत्ति है।
यह भी समझिये
तीन तलाक को लेकर पूरे देश में विरोध हो रहा है लेकिन एक साथ तीन तलाक और शरीयत के मुताबिक दिए गए तीन तलाक में क्या फर्क है। इसको भी समझने की आवश्यकता है। मुस्लिम विद्वानों का यह कहना है कि एक साथ तीन तलाक देने वाले के लिए शरीयत में भी सजा का प्रावधान पहले से ही है। ऐसे में सरकार को तीन तलाक पर कानून नहीं बनाना चाहिए। उनका यह कहना है कि यह मामला शरीयत का है और इसमें किसी भी सरकार को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यहां अन्य मुद्दे भी रखे जाएंगे और इस्लामिक विद्वान बताएंगे कि आखिर वह क्यों तीन तलाक के खिलाफ बन रहे कानून से खुश नहीं हैं।
यहां होगा का सम्मेलन
सहारनपुर में दोपहर को कुतुब शेर थाना क्षेत्र मारी फुल क़ुरान आजाद कॉलोनी में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। यहां पर मुस्लिम लोग सुबह से ही जुटना शुरू हो गए थे। अब यहां पर मुस्लिम विद्वान अपने विचार रखेंगे।
Published on:
07 Jan 2018 12:30 pm
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