
ईद-उल-अजहा पर मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर उलेमा ने जताई चिन्ता
देवबंद. देशभर में पशु व्यापारियों के खिलाफ हो रही लिंचिंग की घटनाओं को देखते हुए ईद-उल-अजहा के मौके पर जानवरों की खरीद-फरोख्त की गतिविधियां बढ़ने की वजह से मुस्लिम रहनुमाओं और उलेमा में चिंता देखी जा रही है। मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने ईद-उल-अजहा के मौके पर जानवरों की होने वाली कुर्बानी के मसले पर सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन दिनों लोग कुर्बानी का जानवर खरीदकर ला रहे हैं। ऐस में किसी भी अनहोनी की घटना से बचने के लिए सरकार को सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करनी चाहिए। उनकी इस मांग का देवबंदी उलेमा ने भी समर्थन किया है। देवबंदी आलिम और मोहतमिम दरूल उलूम अशरफिया सालिम अशरफ कासमी ने कहा है कि सुरक्षा की मांग करने की ज़रूरत नहीं है। यह तो प्रदेश और केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि इस मुल्क में रहने वाली हर धर्म के लोगों की जान-माल और इज़्जत की सुरक्षा करें। खासतौर से जब ईद-उल-अजहा का मौका हो तो सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले इस देश में पशु सुरक्षा के नाम पर इंसानों के साथ दरिंदगी की कई ऐसी वारदातें सामने आ चुके हैं, जिस कारण हमारे देश की पूरी दुनियां में बेज्जति हुई। इस वक्त देश में माहौल खराब है। भीड़ कभी भी किसी भी मुद्दे पर अपना इंसाफ सुनाने लग जाती है। लेकिन इन लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होती हुई नहीं दिख रही है। इसलिए ईद-उल-अजहा के मौके पर शासन-प्रशासन को अलर्ट रहने के साथ ही दंगईयो के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ताकि किसी भी असमाजिक तत्वों किसी भी तरह की हिंसक वारदातों को अंजाम देने का मौका न मिले। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी उपद्रवी तत्व ऐसी किसी वारजात को अंजाम देता है तो दंगईयों के खिलाफ कड़ी से अड़ी कार्रवाई की व्यवस्था की जाए।
मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के महासचिव मौलाना अथर उस्मानी ने भी मौलाना फिरंगी के ब्यान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी मांग काबिले तारीफ है। पिछले दो-तीन सालों के अंदर जो घटनाऐं सामने आई है। उसमें देखा गया है कि मात्र शक की बुनयाद पर भीड़ ने लोगों पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इसलिए जहां तक उनकी मांग का सवाल है तो यह मांग बिल्कुल ही जायज है। लिहाजा सरकार को चाहिए लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी वह खुद लें, क्योंकि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हिन्दू हों या मुसलमान सभी त्यौहार पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है, ताकि सभी धर्म के लोग अपना-अपना त्यौहार शांति के साथ मना सके। इसलिए सरकार ने कावड़ियों के लिए जैसी सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इन्तेज़ाम किये थे। वैसे ही ईद-उल-अजहा के मौके पर की जानी चाहिए, ताकि जानवरों को ले जाने के समय कोई अनहोनी की घटनाएं न हों।
Published on:
14 Aug 2018, 3:58 PM IST
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