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सहारनपुर मस्जिद पर दिनभर चले बुलडोजर तो शाम को दिखा ऐसा मंजर

Saharanpur News दिनभर बुलडोजर चलने के बाद शाम करीब छह बजे मस्जिद पूरी तह से जमींदोज हो गई। रात में मलबे की ढुलाई के लिए प्रकाश व्यवस्था की गई है।
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सहारनपुर

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Shivmani Tyagi

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Updated: 5 Sep 2026, 9:01 PM IST

Saharanpur news

13 घंटे लगातार बुलडोजर चलने के बाद शाम 6:00 की तस्वीर (फोटो पत्रिका)

Saharanpur News: जिला अदालत के आदेशों के बाद प्रशासन ने सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुबह करीब पांच बजे शुरू कर दी थी। पहले कार्य धीमी गति से चला लेकिन सुबह करीब 9 बजे ध्वस्तीकरण कार्य में तेजी लाते हुए छह बुलडोजर लगा दिए गए। इसके बाद दिनभर बुलडोजर चलते रहे और एक के बाद एक डंपर मलबा लेकर कलेक्टर परिसर से बाहर निकलते रहे। शाम करीब छह बजे जब पत्रिका टीम मौके पर पहुंची तो मौके पर पूरा नजारा बदला हुआ था।

दिनभर बंद रहे दरवाजे, संगीनों का रहा पहरा

मस्जिद की बिल्डिंग जमींदोज हो चुकी थी। अब वहां सिर्फ मलबे का ढेर सा दिख रहा था। एक के बाद एक डंपर भरे जा रहे थे। ध्वस्तीकरण करने वाली टीमें लगातार अपने कार्यों में लगी हुई थी। कलेक्ट्रेट के सभी गेट बंद थे और उन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। केवल कुछ ही लोगों को अंदर आने की अनुमति दी जा रही थी। वकीलों को भी कलेक्ट्रेट में जाने की अनुमित नहीं मिली। केवल एक के बाद एक डंपर ही अंदर जा रहे थे और बाहर निकलते हुए दिख रहे थे। निर्माण अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था और मशीनें इस मलबे को उठाकर डंपर में भर रही थी। बाहर पुलिस बल तैनात था तो अंदर भी पुलिसकर्मी तैनात थे और चप्पे-चप्पे पर पूरी निगरानी रखी जा रही थी।

थक गए तोड़ने वाले, शाम के समय बदली पाली

बुलडोजर चलाने और मौके पर काम करने वाले लोगों की पाली भी शाम को बदल गई। इसके बाद दूसरे चालक मौके पर बुलाए गए लेकिन ध्वस्तीकरण के कार्य को नहीं रोका गया। कुछ देर के लिए एक से दो बुलडोजर को रेस्ट दिया जाता और जगह मिलने पर फिर से उसी रफ्तार के साथ काम शुरू हो जाता। इस तरह दिनभर चले ध्वस्तीकरण कार्यक्रम के बाद शाम करीब छह बजे तक मस्जिद को पूरी तरह से ढहा दिया गया था और शाम के समय बस मलबे के समेटा जा रहा था।

रात में भी चलेगा मलबे की ढुलाई का काम

इधर मशीनें मलबें को उठाने में लगी थी और दूसरी ओर निगम की कुछ टीमें लाइट ठीक करने में लगी हुई थी। इससे साफ हो गया कि देर रात तक मलबे को हटाने का काम चल सकता है। यानि रात में भी मलबे के हटाया जाएगा। उधर इस कार्रवाई को लेकर दिनभर शहर में चर्चाओं का बाजार गरम रहा। अब यह मामला राजनीतिक तूल भी पकड़ने लगा है। सांसद इमरान मसूद और सांसद इकरा हसन के अलावा एमएलसी शाहनवाज अली खान, विधायक उमर उली खान और अन्य समाजवादियों ने इस कार्रवाई का विरोध किया और कानूनी रूप से लड़ाई लड़ने की बात कही।