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सहारनपुर। गुरुग्राम में रेयान स्कूल में हुए प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद कई राज्यों में जिला प्रशासन जाग गया था और स्कूल में सुरक्षा के सभी इंतजाम पुख्ता करने के दावे किए थे। इतना ही स्कूलों ने भी सुरक्षा के सभी इंतजाम होने के दावे किए थे लेकिन सहारनपुर में बुधवार सुबह हुई एक घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, बुधवार को शहर के एक स्कूल की मिनी बस में आग लग गई। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बच्चा हताहत नहीं हुआ लेकिन घटना के बाद वे काफी डर गए। बस चालक ने सभी बच्चों को घटना के तुरंत बाद पैदल ही उनके घरों को लौटा दिया। इससे भी अधिक हैरान कर देने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी घटना हो जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन की ओर से ना तो मौके पर कोई सहायता भेजी गई और ना ही इन बच्चों के परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी गई।
सुबह करीब 10:30 बजे हुई दुर्घटना
यह दुर्घटना सुबह करीब 10:30 बजे हुई। सरस्वती बिहार सीनियर सेकंडरी स्कूल की एक मिनी बस छात्र-छात्राओं को स्कूल से घर लेकर जा रही थी। इस मिनी बस में करीब 30 बच्चे सवार थे। अभी यह बस कोतवाली सदर बाजार के दयाल कॉलोनी में ही पहुंची थी कि अचानक इसके अगले हिस्से में तेज चिंगारियों के साथ धुंआ उठने लगा और डैश बोर्ड में आग लग गई। बस की रफ्तार अधिक नहीं थी और तुरंत चालक ने इसे रोक दिया लेकिन बच्चों को उतारने के लिए इस बस में कोई परिचालक नहीं था। बस से धुआं उठता देख बच्चे घबरा गए और आनन फानन में एक के बाद एक बच्चे इस बस से नीचे कूदने लगे। चालक ने बस में लगी को बुझाने का प्रयास किया लेकिन काफी देर बाद सफलता मिली। घटना के काफी देर बाद तक भी बस के अगले हिस्से से धुआं उठता रहा। यह देख इसमें सवार छात्र-छात्राएं बस से दूर जाकर खड़े हो गए। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान कॉलोनी के लोग भी बच्चों की मदद के लिए आगे नहीं आए। यह अलग बात है कि इस दुर्घटना में कोई भी बच्चा हताहत नहीं हुआ है और समय रहते सभी बच्चे बस से नीचे उतर गए थे।
बगैर परिचालक के ही थी बस
जिस बस में आग लगी है, उसमें काफी छोटे बच्चे भी सवार थे। ऐसे में हेल्पर यानि परिचालक की बाध्यता होती है लेकिन इस बस में कोई परिचालक नहीं था। सवाल यह है कि आखिर बिना हेल्पर या परिचालक के यह बस स्कूल से कैसे रवाना हुई। सवाल यह भी है कि ऐसे जिले में और कितनी स्कूल बसें चल रही हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं लेकिन कोई हेल्पर नहीं होता।
खटारा बस को कैसे मिली अनुमति
जिस मिनी बस में आग लगी है, वह दिखने में खटारा है। बस के अंदर सिटिंग प्लान भी अपनी मर्जी से किया हुआ है और इस बस में सुरक्षा के मानक भी पूरे नहीं थे।
बच्चों ने बताया डर गए थे हम
जब पत्रिका टीम ने मौके पर पहुंचकर इन बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया कि डैशबोर्ड में अचानक आग लग गई थी। आग लगने के बाद वह डर गए थे और फटाफट नीचे उतर कर खड़े हो गए। बच्चों ने यह भी बताया कि अब उन्हें घर जाने के लिए कह दिया गया है और वह पैदल घर जा रहे हैं। वहीं, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बस ठीक है। बैट्री में स्पार्किंग की वजह से घटना हुई है। जल्दी छुट्टी होने की वजह से बस में टीचर नहीं थी।
Updated on:
20 Sept 2017 01:09 pm
Published on:
20 Sept 2017 01:07 pm
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