
सलीम अहमद
सहारनपुर/मुजफ्फरनगर। जरा साेचिए अगर आपकाे रुपयों से भरा बैग मिल जाए ताे आप क्या करेंगे ? अगर आप साेच रहे हैं कि ऐसा ताे सिर्फ फिल्माें ही हाेता है ताे जान लीजिए कि मुजफ्फरनगर के एक व्यक्ति के साथ ऐसा ही हुआ है। इस व्यक्ति ने अंजान लाेगाें काे अपनी कार में लिफ्ट दी थी जाे उतरते समय रुपयाें से भरा बैग कार में ही भूल गए। अब तीन दिन से कार स्वामी और अपने ड्राईवर के साथ इस बैग के मालिक काे तलाश रहा है।
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के गांव राई नंगला के रहने वाले सलीम अहमद ने ईमानदारी की जाे मिसाल पेश की है उसकी सभी तारीफ कर रहे हैं। सलीम अहमद अपने ड्राईवर साजिद के साथ मिलकर पिछले तीन दिन से इस प्रयास में लगे हुए हैं कि यह बैग किसी तरह उसके सही मालिक तक पहुंच जाए। इसके लिए सलीम अहमद ने पुलिस काे भी पूरी घटना के बारे में बताते हुए कहा है कि, वह इस रुपयों से भरे बैग काे उसके मालिक तक पहुंचाना चाहते हैं।
जानिए काैन है सलीम अहमद
दरअसल, सलीम अहमद चरथावल कस्बे के गांव राई नंगला के रहने वाले हैं। वह एक व्यापारी हैं और सऊदी अरब में उनका काराेबार है। पत्रिका के साथ टेलिफाेनिक बातचीत में सलीम ने बताया कि वह 23 दिसंबर काे भारत अपने घर आए थे। 16 जनवरी काे वह किसी काम से दिल्ली गए थे। नई दिल्ली से लाैटते वक्त माैसम खराब था ताे दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर खड़े तीन व्यक्तियों ने उनसे आग्रह किया वह उन्हे मेरठ तक छाेड़ दें। सलीम बताते हैं कि वह तीनों व्यक्ति कार में पीछे वाली सीट पर बैठ गए और सलीम अहमद आगे ड्राईवर वाली सीट पर आ गए।
यह तीनों व्यक्ति मेरठ में बस अड्डे के पास उतर गए। इन्हाेंने बातचीत में बताया था इनका घर मेरठ में ही है। जब सलीम अहमद अपने घर पहुंचे और गाड़ी से सामान उतारने लगे ताे उन्हाेंने देखा कि पीछे सीट पर एक बैग रखा हुआ है। इस बैग काे उन्हाेने खाेलकर देखा ताे दंग रह गए। दरअसल बैग में एक लाख रुपये थे। इस पर सलीम अहमद ने पूरी बात अपने ड्राईवर काे बताई और अब दाेनाें मिलकर इस रकम काे उसके असली मालिकत क पहुंचाने की जुगत में लगे हुए हैं।
पहचान बताएं और ले जाएं अपना बैग
पत्रिका के साथ बातचीत में सलीम अहमद ने कहा है कि यह बैग और पैसा उनके पास सुरक्षित है। सलीम ने यह भी बताया कि उन्हे जल्दी ही विदेश वापस लाैटना है इसलिए वह चाहते हैं कि जल्द से जल्द यह रकम उसके स्वामी तक पहुंच जाएं। उन्हाेंने कहा है कि, यह पैसा जिस भी व्यक्ति का है वह पहचान बताकर ले जा सकते हैं। सलीम अहमद केक इस निर्णय काे सुनकर हर काेई उनकी ईमानदारी की मिसाल दे रहा है और लाेग कह रहे हैं कि ईमानदारी आज भी जिंदा है।
Updated on:
18 Jan 2020 09:11 pm
Published on:
18 Jan 2020 09:09 pm
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