
सहारनपुर. देवबंद (आदवोल्) सपा युवजन सभा (samajwadi party youth wing) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और पूर्व राज्य मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र राणा के पुत्र कार्तिकेय राणा ने ऐलान किया है कि यदि गरीबों की सेवा करना, गरीबों की लड़ाई लड़ना और रिश्वतखोर अधिकारियों (Corrupt officers) के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह है तो यह गुनाह वह बार-बार करेंगे। उन्होंने कहा कि रामपुर मनिहारान के तहसीलदार ने एक नहीं बहुत से लोगों से काम कराने के नाम पर मोटी रिश्वत ली है। उन्होंने बताया कि 2 दिसंबर को एक बहुत छोटे स्तर के किसान की ओर से रिश्वत (Bribry) में दिए गए साढ़े दस हजार रुपए मैंने पीड़ित को वापस करा दिए। इसके बाद जिले के भाजपा नेताओं को यह लगने लगा कि उनकी पार्टी की छवि धूमिल हो रही है, जिसके चलते एक विधायक और भाजपा के कई नेताओं ने साजिश के तहत डीएम पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ एससी-एसटी का मुकदमा कायम कराने की तैयारी कर ली है, जबकि उन्होंने तहसीलदार को जातिसूचक कोई शब्द नहीं कहा और सोशल मीडिया पर उसका वायरल भी अपलोड किया हुआ है। ये बातें कार्तिकेय राणा ने बुधवार को अपने प्रतिष्ठान पर आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
कार्तिकेय राणा ने कहा कि इस वक्त प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची है। से हालात में अगर दबे कुचले लोगों की मदद करना गुनाह है तो ये गुनाह वह बार-बार करेंगे और अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ मुकदमा कायम किया गया तो वह अपने सभी समर्थकों के साथ मिलकर जेल जाएंगे और अन्याय के खिलाफ अपना संघर्ष हर हाल में जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि तहसीलदार का कोई दोष नहीं था तो डीएम ने उनको 2 दिसंबर की शाम को ही क्यों रामपुर मनिहारान से हटा दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भाजपा के लोग साजिश कर रहे हैं। उन्होंने एलान किया कि हर हाल में वह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अपना संघर्ष और आंदोलन जारी रखेंगे।
Published on:
05 Dec 2019 12:05 pm
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