
संत
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी 'डिवाइडर' हैं, उन्हाेंने देश काे बांट दिया है। इस बयान का समर्थन करते हुए त्र्म्बकेश्वर चैतन्य महाराज ने कहा है कि, यह बात बिल्कुल सही है। वाकई प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने देश काे बांट दिया है। देश में दाे ही विचारधारा हैं एक वाे जाे नरेंद्र माेदी के समर्थक हैं और दूसरे वाे जाे विराेधी हैं।
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यह बात सहारनपुर में कथा कर रहे अखिल भारत वर्षीय धर्म संघ काशी के अध्यक्ष त्र्म्बकेश्वर चैतन्य महाराज ने श्रीमदभागवत कथा विराम के दाैरान पत्रकाराें से वार्ता करते हुए कही। उन्हाेंने नदियाें की हालत पर चिंता जताते हए कहा कि पिछले 50 वर्षाें तक नदियां ठीक थी लेकिन इन 50 वर्षाें में ऐसा क्या हाे गया कि यमुना मर चुकी है और गंगा भी मरने की कगार पर है। इस पर समाज काे साेचना चाहिए चिंतन करना चाहिए। उन्हाेंने नदियाें में पूजा सामग्री डालने जाने काे भी गलत बताया। यहां तक की हवन की राख काे भी नदियाें में डालने से इंकार किया।
इसी दाैरान एक सवाल के जवाब में उन्हाेंने कहा कि आज देश संक्रमण काल से गुज रहा है। देश में व्यक्तिवाद बढ़ रहा है जाे उचित नहीं है। पिछले कुछ वर्षाें ने लाेगाें के साेचने का ढंग बदला है। एक अंध भक्त विचारधारा है और दूसरी विराेधी विचारधारा है। यह दाेनाें ही लाेकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं।
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इस कथन काे समझाते हुए वह बाेले कि, आज अंध भक्त एक भी गलती सुनने तक काे तैयार नहीं हैं। आंख बंद करके समर्थक हाे रहे हैं ताे दूसरी ओर विराेधियाें काे हर बात सिर्फ गलत ही दिखाई दे रही है। ताे ऐसा नहीं हाेना चाहिए। ऐसी स्थिति में तर्क खत्म हाे जाता है जाे गलत है लोकतंजत्र के हित में नहीं है। यह स्थिति लाेकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है। उन्हाेंने कहा कि आज की विचारधारा का सबसे बड़ा दाेष है ''अंध समर्थन और अंध विराेध'' यह दाेनाें ही स्थितियां ठीक नहीं हैं। जब यहां सहारनपुर में यह पत्रकार वार्ता चल रही थी ताे प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी केदारनाथ धाम पर थे। केदारनाथ के बाद वह बद्रीनाथ धाम जाएंगे। उधर मीडिया में यह खबरें चल रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी गुफा में ध्यान लगा रहे हैं और इधर इन संत ने प्रधानमंत्री काे ही लेकर यह बड़ा बयान दे दिया।
PM Narendra Modi
सभी काे संत कहना ठीक नहीं
चैतन्य महाराज ने कहा कि, सभी काे संत कहना ठीक नहीं। आज नाम है निर्मल और मन हैं मलीन, ऐसे लाेगाें काे संत या बाबा कहना ठीक नहीं है। गलत काे गलत और सही काे सही कहने की ताकत भगवान समाज काे दें यह जरूरी है। उन्हाेंने यह भी कहा कि जिस तरह से आज काेई भी व्यक्ति खुद काे संत और बाबा लिखने लगता है यह गलत है। संत उन्ही काे कहा जाए जाे वाकई संत कहलाने के लायक हैं।
विराेधी पक्ष अगर कमजाेर हाेगा ताे सत्ता पक्ष अराजक हाे जाएगा
एक सवाल के जवाब में चैतन्य महाराज ने यह भी कहा कि, सरकार जाे भी आए बहुमत की आनी चाहिए लेकिन विपक्ष भी मजबूत हाेना चाहिए। अगर विपक्ष मजबूत नहीं हाेगा ताे सत्ताधारी पक्ष अराजक हाे जाएगा स्वेच्छाकारी हाे जाएगा जाे उचित नहीं है।
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Updated on:
18 May 2019 07:06 pm
Published on:
18 May 2019 06:36 pm
