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भैंसा बुग्गियों का चालान काटकर दुविधा में फंसी UP पुलिस

सहारनपुर पुलिस ने 12 भैंसा बग्गियों को किया सीज

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सहारनपुर. समाजवादी पार्टी की सरकार में आपने उत्तर प्रदेश पुलिस को एक नेता की भैंस तलाशते हुए देखा और सुना होगा। अब योगी सरकार में यूपी पुलिस भैंसा बुग्गियों के चालान काट रही है। सहारनपुर पुलिस ने दर्जनभर भैंसा बोगियों के चालान काटे हैं। यह कार्रवाई सहारनपुर के नकुड थाना पुलिस ने की है। इस कार्रवाई पर स्थानीय पुलिस ने अपनी पीठ खुद ही थपथपाई है। लेकिन इन बुग्गियों पर कोई नम्बर नहीं होने से पुलिस दुविधा में फंस गई है। आखिर कार्रवाई की जाए तो किसके खिलाफ और किस आधार पर। क्योंकि, पुलिस के पास कोई कानूनी सबूत नहीं है कि ये बुग्गियां किसकी है। लिहाजा, पुलिस ने भैंसा बुग्गियों के चालान काटने के बाद बुग्गी सीजकर भैंसे को छोड़ दिया है। लेकिन, बुग्गियों को सीज किए जाने की पुलिस की कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस घटना के बाद से भैंसा बुग्गी चलाने वाले किसानों और मजदूरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।


इसलिए सीज की गई बुग्गियां
दरअसल, सहारनपुर में एनजीटी ने खनन और खनन के परिवहन पर प्रतिबंध लगा रखा है। यही कारण है कि पुलिस खनन सामग्री से भरे वाहनों को सीज कर रही है। उन पर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में कुतुबशेर थाना पुलिस ने भी दो ट्रकों को सीज किया। इन दोनों ट्रकों में खनन सामग्री भरी हुई थी। लेकिन इसके बाद नकुड थाना पुलिस ने इसी आरोप में भैंसा बुग्गियों को सीज किया है। नकुड थाना पुलिस का कहना है कि जो भैंसा बुग्गियां सीज की गई हैं। उन सभी में अवैध खनन सामग्री भरी हुई थी। इनमें बालू भरा हुआ था और इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 12 भैंसा बुग्गियों को सीज किया है।

बोगियों को सीज कर भैसें छोड़े
पुलिस ने जिन भैंसा बुग्गियों को सीज किया है, उनके भैंसें बिना कार्रवाई कर छोड़ने पड़े। दरअसल पुलिस के पास न तो इन भैसों को खड़ा करने की जगह थी और न ही उनके पास ऐसी कोई हवालात थी, जिनमें भैंसे खड़े किए जा सकें। ऐसे में पुलिस ने बोगियों को सीज कर दिया और भैंसे उनके मालिकों को सौंप दिए।