
सहारनपुर. रेप का आराेप लगने पर युवक द्वारा आत्महत्या कर लेने आैर दहेज में फॉर्च्यूनर गाड़ी मांगे जाने के दाे अलग-अलग मामलाें काे लेकर जिला पंचायत सदस्य के साथ ग्रामीणों ने एसएसपी से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणाें ने दाेनाें ही मामलाें में निष्पक्ष जांच मांग की है। ग्रामीणाें का आरोप है कि दाेनाें ही मामलाें में अब पीड़ित पक्ष काे फंसाया जा रहा है। इसके बाद एसएसपी निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
युवक मौत के बाद फंसाया जा रहा रिश्तेदार
जिला पंचायत सदस्य वसीम चौधरी के मुताबिक गंगोह कस्बे के ही एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। इस आरोप के बाद कस्बे में एक पंचायत हुई और इस पंचायत में आरोपी युवक पर 20 लाख रुपए का दंड लगाया गया। बकौल वसीम चौधरी, अपने ऊपर लगे इस आरोप और दंड से क्षुब्ध होकर युवक ने आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले एक सुसाइड नोट में यह लिखा था कि उस पर फर्जी आरोप लगाया जा रहा है, जिससे क्षुब्ध होकर वह आत्महत्या कर रहा है। आरोप है कि अब इस युवक मौत के बाद इस मामले में उसके रिश्तेदार को ही फंसाया जा रहा है, जबकि प्रथम सूचना रिपोर्ट में मृतक के इस रिश्तेदार का नाम नहीं था।
शामली में झूठा केस दर्ज कराने का अारोप
दूसरी घटना भी गंगोह की ही है। गंगोह के रहने वाले मुस्तकीम ने अपनी बेटी की शादी शामली जिले के थाना कैराना के गांव भूरा निवासी परवेज से तय की थी। शामली से बारात गंगोह पहुंची थी और इसी दौरान दहेज में फॉर्च्यूनर गाड़ी की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच रिश्ता टूट गया था और यह शादी रुक गई थी। इस मामले में पंचायत हुई थी और पंचायत में दूल्हे पक्ष को कहा गया था कि वह इस शादी में लड़की पक्ष के खर्च की भरपाई के रूप में 3 लाख रुपए अदा करेगा। अब लड़की पक्ष का आरोप है कि लड़के पक्ष के लोगों ने उसके खिलाफ शामली में एक झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है, ताकि यह रकम ना देनी पड़े। अब लड़की पक्ष ने एसएसपी सहारनपुर बबलू कुमार से मिलकर उन्हें पूरी कहानी बताते हुए शामली में दर्ज मुकदमे की जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा है कि शामली में दर्ज मुकदमा पुलिस की मिलीभगत से कराया गया है। एसएसपी सहारनपुर ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि दोनों मामले में जांच कराई जाएगी।
Published on:
22 Sept 2017 11:53 am
बड़ी खबरें
View Allसहारनपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
