9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सहारनपुर में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक की पत्नी गिरफ्तार, पूछताछ में किया चाैंका देने वाला खुलासा

जनकपुरी थाना पुलिस ने पत्नी और बच्चों को सिंभालका गांव से हिरासत में लिया पत्नी रूबी ने बताया सहारनपुर शहर में जाकर तीन हजार रुपये में बनवाए थे फर्जी कागजात

2 min read
Google source verification
rubi.jpg

rubi

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
सहारनपुर ( Saharanpur ) बांग्लादेशी सगे भाइयों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक भाई इकबाल की पत्नी रूबी को भी हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने रूबी को जनकपुरी थाना क्षेत्र के गांव सिंभालका से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उन्होंने 3000 रुपये में पांचों के फर्जी आधार कार्ड और अन्य कागजात बनवाए थे।

यह भी पढ़ें: 45 साल में हुआ रामपुर के नवाब की संपत्ति का मूल्यांकन, अब 16 वारिसों में बटेगी 32 अरब की संपत्ति

बंग्लादेशी नागरिक ( Bangladeshi citizen ) दो सगे भाई कई वर्षों से सहारनपुर में अपनी पहचान छुपाकर रह रहे थे और 17 नवंबर को लखनऊ एटीएस ने इन्हें सहारनपुर के सिंभालका से गिरफ्तार कर लिया था। पकड़े गए दोनों भाई फारुख और इकबाल के पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। एटीएस ने दोनों भाइयों से काफी पूछताछ की थी, आशंका थी कि दोनों किसी षड्यंत्र के तहत भारत में रह रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Hathras case Updates चारों आरोपियों का होगा पॉलीग्राफ़ी टेस्ट, अलीगढ़ जेल पहुंची सीबीआई टीम चारों काे लेकर हुई रवाना

पूछताछ के दौरान एटीएस को यह भी पता चला कि दोनों भाइयों में से एक इकबाल की पत्नी रूबी अपने तीन बच्चों 8 वर्षीय रहमान 4 वर्षीय रुखसार और 2 वर्षीय फरहान के साथ सहारनपुर के ही सिम्भलका गांव में रहती है। इसी सूचना पर पुलिस ने इकबाल की पत्नी रूबी को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके साथ ही तीनों बच्चों को भी जेल भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें: अजब-गजब : युवती से मिलने आए प्रेमी की रातभर पिटाई, सुबह 20 रुपये के स्टांप पर सगाई

पूछताछ के दौरान रूबी ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से सहारनपुर के गांव सिंभालका में रह रहे थे। उन्होंने शहर आकर अपने कागजात बनवाए थे। पांचों के कागजात बनाने के लिए दलाल ने उनसे करीब 3000 रुपये लिए थे और 3000 रुपये में ही उन सभी के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर दिए थे। पुलिस अब उस एजेंट की तलाश कर रही है जिसने इन के फर्जी कागजात बनाने में मदद की है। पुलिस उस सेंटर की भी तलाश कर रही है जहां पर इनके कागजात तैयार किए गए।