
ये है मामला जाम लगा रहे वकीलों ने बताया कि कोतवाली सदर बाजार में तैनात एक महिला दरोगा ने उनके साथी वकील का मोबाइल फोन छीन लिया। वकीलों का आरोप है की महिला दरोगा ने सिर्फ मोबाइल फोन ही नहीं छीना, बल्कि उनके साथी वकील के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। इसके बाद एक तहरीर भी पुलिस थाने में दे दी। इसी से नाराज़ वकील शुक्रवार सुबह कचहरी परिसर से बाहर आए और कचहरी तिराहे पर मानव श्रंखला बनाते हुए जाम लगा दिया।

उधर, पुलिस का कहना है कि वकील मोबाइल फोन से महिला दरोगा की वीडियो बना रहे थे और इसी दौरान पता चलने पर महिला दरोगा ने मोबाइल फ़ोन ले लिया। एक पुलिस अफसर का यह भी कहना है कि महिला दरोगा की जो वीडियो बनाई जा रही थी उसमें आपत्तिजनक शब्द बोले गए हैं। इस वीडियो की जांच कराई जा रही थी। इसी बीच वकीलों ने जाम लगा दिया।

कचहरी चौराहे पर जाम लगा रहे वकीलों ने आम जन के साथ तनातनी भी की। इस दौरान जिन लोगों ने अपने दो पहिया वाहन निकालने की कोशिश की तो उनके वाहनों की चाबी तक वकीलों ने निकाल ली और इस दौरान आम जन और वकीलों के बीच कई बार तनातनी हो गई। यह अलग बात है कि वकीलों ने एंबुलेंस को नहीं रोका और जाम के बावजूद एंबुलेंस को तुरंत निकलवा दिया गया।

शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग जाने के बाद सीओ सिटी मुकेश चंद्र मिश्र मौके पर पहुंचे और वकीलों से बात की। इस दौरान वकीलों ने यही शिकायत रखी कि महिला दरोगा ने उनके साथी वकील के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया है और सभी वकील चाहते हैं कि महिला दरोगा का ट्रांसफर कर दिया जाए।

इस पर सीओ ने वकीलों से बार रूम में चलकर पूरे मामले पर शांत माहौल में बात करने का आग्रह किया और इस तरह वकील मान गए उन्होंने जाम खोल दिया और सड़क से शुरू हुआ ये हंगामा पर रूम पर बंद कमरे में जाकर शांत हुआ। बताया जाता है कि वीडियो देखर वकील बेकफुट आए और उल्टा उन्हें ही माफी मांगनी पड़ी।