25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

7 साल की बच्ची के सामने बारी-बारी से गैंगरेप…हवन कुंड में जिंदा जलाया..4 दोषियों को हुई उम्रकैद की सजा

यूपी के संभल में गैंगरेप के बाद मंदिर के हवन कुंड में जिंदा जलाई गई महिला… साढ़े 7 साल बाद कोर्ट का फैसलाआया। कैसे हुई दरिंदगी, किन गवाहों ने दिलाई सजा पढ़िए पूरी कहानी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सम्भल

•

image

Mahendra Tiwari

•

Updated: 19 Dec 2025, 5:36 PM IST

यूपी के संभल में दिल दहला देने वाले गैंगरेप और हत्या के मामले में करीब साढ़े सात साल बाद अदालत का फैसला आया है। कोर्ट ने चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिली है। लेकिन दर्द और गुस्सा आज भी उतना ही गहरा है।

यह मामला संभल जिले की तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र के एक गांव का है। यहां रहने वाली 25 साल की महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर पर थी। उसका पति रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में मजदूरी करता था। 13 जुलाई 2018 की रात करीब ढाई बजे गांव के ही पांच लोग, जिनमें चार युवक और एक नाबालिग शामिल था। महिला के घर में घुस आए।

महिला ने भाई को फोन बताई पूरी वारदात

आरोप है कि महिला की 7 साल की बच्ची के सामने सभी ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वारदात के बाद महिला बेहोश हो गई। आरोपी भाग निकले। कुछ देर बाद होश में आने पर महिला ने पहले अपने पति को फोन किया। लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उसने पुलिस को कॉल करने की कोशिश की, मगर संपर्क नहीं हुआ। आखिरकार उसने अपने ममेरे भाई को फोन कर पूरी घटना बताई।

दरिंदे दोबारा लोटे, घर से 20 मीटर की दूरी पर हवन कुंड में महिला को जिंदा जलाया

इसी बीच आरोपी दोबारा महिला के घर लौट आए। उसे जबरन घर से उठाकर करीब 20 मीटर दूर स्थित एक मंदिर के हवन कुंड तक ले गए। वहां घास-फूस डालकर उसे जिंदा जला दिया। उन्हें डर था कि अगर महिला ने किसी को सच बता दिया तो वे फंस जाएंगे।

परिजन पहुंचे तो महिला हवन कुंड में जलती मिली

जब महिला का ममेरा भाई और अन्य परिजन घर पहुंचे तो महिला वहां नहीं थी। बच्ची डर और रोते-रोते सो चुकी थी। तलाश करते हुए सभी मंदिर पहुंचे। जहां हवन कुंड में महिला जलती हुई मिली। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई। पुलिस को सूचना दी गई।

7 साल की बेटी और ममेरा भाई बना अहम गवाह

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए। महिला के कपड़ों पर सीमन मिलने के बाद डीएनए जांच कराई गई। ट्रायल के दौरान महिला की 7 साल की बेटी और ममेरा भाई अहम गवाह बने। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़ित परिवार फांसी की मांग कर रहा था। लेकिन फिलहाल कोर्ट के फैसले से संतोष जताया है। आगे की लड़ाई पर विचार कर रहा है।

बड़ी खबरें

View All

सम्भल

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग