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संभल : एक दिल दहला देने वाले मामले में, संभल पुलिस ने एक युवती की हत्या का खुलासा किया है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते उसके ही पिता और भाई ने मिलकर उसकी जान ले ली। यह ऑनर किलिंग का मामला है, जिसमें हत्यारोपियो ने न सिर्फ अपनी बेटी का गला घोंटा, बल्कि अपराध को छिपाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हेरफेर करने की कोशिश की और प्रेमी को फंसाने की साजिश रची।
यह घटना रजपुरा थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव की है। 18 वर्षीय मंजू का शव 27 मई को फांसी के फंदे पर लटका मिला था। परिजनों ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन पुलिस की प्रारंभिक जांच और बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया. रिपोर्ट में 'स्ट्रेगुलेशन' यानी गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस का शक गहरा गया।
शुरुआत में, मृतक युवती के पिता चंद्रकेश और भाई धर्मेंद्र ने गांव के ही प्रमोद, उमेश, पप्पी, हरनारायण और दो अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, जिससे प्रमोद को फंसाने की उनकी साजिश का पता चलता है।
पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से जांच को आगे बढ़ाया और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। तकनीकी जांच और गहन पूछताछ के बाद, चंद्रकेश और धर्मेंद्र ने मंजू की हत्या करने की बात कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि मंजू का गांव के ही शादीशुदा प्रमोद के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस रिश्ते से उनका परिवार सामाजिक बदनामी महसूस कर रहा था।
हत्या वाले दिन, प्रमोद की पत्नी पूनम को मंजू से बातचीत की ऑडियो क्लिप मिली, जिसके बाद प्रमोद और पूनम के बीच झगड़ा हुआ। इस विवाद के दौरान, मंजू के पिता और भाई को अपमानित किया गया, जिससे वे गुस्से में लाल हो गए। घर लौटने के बाद, जब मंजू प्रमोद के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही, तो पिता चंद्रकेश और भाई धर्मेंद्र को लगा कि मंजू जल्द ही प्रेमी के साथ भाग जाएगी, जिससे उनकी और बदनामी होगी।
इसी डर और गुस्से में आकर, चंद्रकेश और धर्मेंद्र ने अपने साले जयप्रकाश के साथ मिलकर मंजू की हत्या करने और प्रमोद व उसके साले उमेश को फंसाने की योजना बनाई। उन्होंने मंजू का गला घोंट दिया और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया।
इतना ही नहीं, इस जघन्य अपराध को छिपाने के लिए उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने की भी कोशिश की। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट मधुर आर्य से 50 हजार रुपये में 'सेटिंग' की। पैसों के लेन-देन में देरी के चलते पोस्टमार्टम 27 मई के बजाय 28 मई को हुआ, लेकिन रिपोर्ट में हत्या का ही खुलासा हुआ।
पुलिस ने इस मामले में हत्यारे पिता चंद्रकेश, भाई धर्मेंद्र, धर्मेंद्र के साले जयप्रकाश, प्रवेश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेरफेर करने की साजिश में शामिल फार्मासिस्ट मधुर आर्य सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फार्मासिस्ट के पास से रिश्वत के 15 हजार रुपये और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। इस खुलासे ने एक बार फिर समाज में ऑनर किलिंग के बढ़ते मामलों और अपराधों को छिपाने के लिए अपनाए जाने वाले हथकंडों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Updated on:
10 Jun 2025 06:03 pm
Published on:
10 Jun 2025 06:03 pm
