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संभल में कच्ची दीवार गिरने से मासूम की दर्दनाक मौत, पिता गोद में लेकर दौड़ते रहे अस्पताल, रास्ते में बुझ गई जिंदगी

Sambhal News: यूपी के संभल में कच्ची दीवार गिरने से सात वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। घायल बच्चे को पिता अर्धनग्न अवस्था में गोद में उठाकर अस्पताल ले गया, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से रास्ते में ही उसकी जान चली गई।
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सम्भल

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Mohd Danish

•

Updated: 29 Sep 2025, 10:22 AM IST

sambhal boy dies wall collapse father carries son hospital

संभल में कच्ची दीवार गिरने से मासूम की दर्दनाक मौत | AI Generated Image

Boy dies wall collapse in Sambhal: संभल जिले की गुन्नौर तहसील के बबराला थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। सात वर्षीय अमित नल पर नहा रहा था, तभी अचानक मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे की आवाज सुनकर पूरा परिवार दहशत में आ गया।

मलबे में दबा बच्चा, परिजनों ने निकाला बाहर

दीवार गिरते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत मलबे को हटाकर घायल अमित को बाहर निकाला। बच्चे की हालत गंभीर थी, जिसके बाद उसका पिता दुर्गेश उसे गोद में उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गुन्नौर की ओर भागा।

अस्पताल में आधे घंटे तक नहीं मिला इलाज

गांव से सीएचसी पहुंचने के बाद पिता ने घायल बेटे को डॉक्टरों के हवाले किया, लेकिन आरोप है कि वहां लगभग आधे घंटे तक बच्चे को कोई इलाज नहीं मिला। इंतजार से निराश पिता घायल बेटे को अर्धनग्न अवस्था में ही बाइक से अलीगढ़ ले जाने लगा।

रास्ते में बुझ गई मासूम की जिंदगी

करीब दोपहर 2 बजे जब पिता घायल बेटे को अलीगढ़ ले जा रहा था, तभी अतरौली के निकट मासूम अमित ने दम तोड़ दिया। परिजन उसे तुरंत अतरौली के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गांव में मातम का माहौल

शाम करीब 4 बजे जब पिता बेटे का शव गोद में लेकर गांव लौटा, तो घर पर चीख-पुकार मच गई। मां प्रीति अपने बेटे का शव देखकर बेहोश हो गईं। पूरे गांव में मातम छा गया और लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सफाई

सीएचसी गुन्नौर के चिकित्सा अधीक्षक प्रभारी डॉ. राजकिशोर ने कहा कि पिता घायल बेटे को लेकर आए थे। उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया था, लेकिन वे बच्चे को वापस ले गए। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर इलाज मिलता तो शायद मासूम की जान बच सकती थी।

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